एक्टर इमरान खान के खिलाफ भारतीय नागरिकता न होने के बावजूद प्रोटेस्ट में शामिल होने पर शिकायत दर्ज हुई है। मुंबई पुलिस ने उन पर कार्रवाई करते हुए 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का आदेश दिया है। ये इस तरह का इकलौता मामला नहीं है। इससे पहले अक्षय कुमार, अदनान सामी, दिलजीत दोसांझ जैसे कई सेलेब्स की नागरिकता विवादों में रही है। कुछ ने विदेशों के बाद भारतीय नागरिकता ली, तो कुछ ने भारतीय नागरिकता छोड़ दी। इनके अलावा आलिया भट्ट, कटरीना कैफ जैसे कुछ सेलेब्स ऐसे भी हैं, जो सालों से भारत में काम कर रहे हैं, लेकिन उनके पास भारतीय नागरिकता नहीं है।

इमरान खान के हालिया विवाद के बीच जानिए सिटिजनशिप से जुड़े सेलेब्स के विवादों की कहानी-

पहले इमरान खान को भारत से निकाले जाने की सही वजह समझिए-

  • इमरान खान, आमिर खान की बहन नुजहत के बेटे हैं। उनका जन्म अमेरिका के विस्कॉन्सिन में हुआ।
  • जन्म से ही इमरान खान के पास अमेरिकी नागरिकता और अमेरिकी पासपोर्ट है।
  • इमरान ओवरसीज सिटीजनशिप ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड की मदद से भारत में काम करते और रहते हैं।
  • इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 के तहत अगर किसी शख्स के पास भारतीय नागरिकता नहीं है, तो वह देश से जुड़े किसी प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सकता।
  • इमरान ने नियम का उल्लंघन किया है, जिसके चलते उनके खिलाफ कार्रवाई हुई है।

इमरान खान जैसे इन 3 एक्टर्स को भी नियम का उल्लंघन करने पर देश से निकलने का आदेश मिला-

एक्टर चेतन कुमार अहिंसा- देश विरोधी बयान देने पर कार्यवाई हुई

कन्नड़ अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता चेतन कुमार अहिंसा, जिन्हें चेतन कुमार के नाम से भी जाना जाता है, 2023 में अपने OCI कार्ड को लेकर विवादों में आए थे। चेतन अमेरिकी नागरिक हैं और OCI कार्ड की मदद से लंबे समय से कर्नाटक में रहकर फिल्मों और सामाजिक मुद्दों पर काम कर रहे थे।

चेतन ने 2023 में सोशल मीडिया पर भारत विरोधी बयान दिए थे, जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई हुई। मार्च 2023 में केंद्र सरकार ने उनकी OCI सुविधा रद्द करने का फैसला सुनाया। यानी उन्हें भारत में रहने और काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने इस फैसले को चुनौती दी और अप्रैल 2023 में कर्नाटक हाईकोर्ट ने उनके OCI कार्ड को रद्द करने के आदेश पर रोक लगा दी।

बांग्लादेशी एक्टर फिरदौस अहमद- चुनाव प्रचार करने पर देश छोड़ने का आदेश दिया गया

बांग्लादेशी अभिनेता फिरदौस अहमद अप्रैल 2019 में पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए प्रचार करने के बाद विवादों में आ गए थे। वह बंगाली फिल्म इंडस्ट्री में काम करते थे और उस समय भारत में बिजनेस वीजा पर मौजूद थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फिरदौस अहमद को रायगंज लोकसभा सीट से टीएमसी उम्मीदवार कन्हैया लाल अग्रवाल के समर्थन में रोड शो और चुनाव प्रचार करते देखा गया था। इस पर भाजपा ने चुनाव आयोग से शिकायत की और विदेशी नागरिक के चुनाव प्रचार में शामिल होने पर सवाल उठाए।

इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उनके बिजनेस वीजा को रद्द कर दिया और उन्हें भारत छोड़ने का नोटिस जारी किया। अधिकारियों ने उनके खिलाफ वीजा नियमों के उल्लंघन की कार्रवाई की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें ब्लैकलिस्ट भी किया गया था। फिरदौस अहमद ने बाद में भारत छोड़ दिया और अपने चुनाव प्रचार में शामिल होने को अनजाने में हुई गलती बताते हुए बिना शर्त माफी मांगी थी।

गाजी अब्दुल नू- वीजा खत्म होने के बावजूद भारत में रहकर चुनाव प्रचार का हिस्सा बने

बांग्लादेशी अभिनेता गाजी अब्दुल नूर, जिन्हें गाजी अब्दुन नूर भी लिखा जाता है, अप्रैल 2019 में पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार से जुड़े विवाद में फंस गए थे। वह बंगाली टीवी शो ‘रानी रश्मोनी’ में अपने अभिनय के लिए पहचाने जाते थे।

नूर को दमदम लोकसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार सौगत रॉय के समर्थन में एक रैली में प्रचार करते देखा गया था। भाजपा ने इस मामले को चुनाव आयोग के सामने उठाया था। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें भारत छोड़ने का नोटिस दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनका वीजा 6 जुलाई 2018 को समाप्त हो गया था, लेकिन वह इसके बाद भी लगभग नौ महीने तक भारत में रहे। अधिकारियों ने इसे वीजा नियमों के उल्लंघन के रूप में देखा और उन्हें बांग्लादेश लौटकर नए वीजा के लिए आवेदन करने को कहा।