
उत्तर प्रदेश के नोएडा में करीब एक दर्जन स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है. धमकी की सूचना मिलने के बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और फायर विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं. सेक्टर-16 स्थित एपीजे स्कूल, स्टेप बाय स्टेप और डीपीएस जीबीएन समेत कई स्कूलों को धमकी मिली है. एहतियात के तौर पर कुछ स्कूलों ने बच्चों को घर भेजना शुरू कर दिया है. मौके पर सुरक्षा जांच की जा रही है.
नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा के 12 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद 12 अक्टूबर की सुबह हड़कंप मच गया. स्कूलों को ई-मेल के जरिए धमकी दी गई थी. सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं. स्कूल परिसरों में जांच शुरू कर दी गई. शुरुआती जांच में अब तक कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली है. पुलिस की साइबर टीम भी धमकी भरे ई-मेल की जांच कर रही है.
धमकी मिलने वाले स्कूलों में नोएडा के सेक्टर-16 स्थित एपीजे स्कूल, स्टेप बाय स्टेप और डीपीएस जीबीएन समेत कई स्कूल शामिल हैं. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, करीब 12 स्कूलों को निशाना बनाने की धमकी दी गई है. इस सूचना के बाद स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई. कुछ स्कूलों ने एहतियात के तौर पर बच्चों को घर भेजना शुरू कर दिया. वहीं, पुलिस ने स्कूल परिसरों की सुरक्षा जांच तेज कर दी, ताकि किसी भी तरह के खतरे की आशंका को दूर किया जा सके.
पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड ने की जांच
धमकी की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के साथ बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और फायर विभाग की टीमें स्कूलों में पहुंचीं. टीमों ने स्कूल परिसरों की जांच की. पुलिस के मुताबिक, अब तक की तलाशी में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है. हालांकि, पुलिस ने इसे हल्के में नहीं लिया है. सुरक्षा के सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं और जांच जारी है. अधिकारियों का जोर इस बात पर है कि स्कूलों में बच्चों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.
साइबर टीम ई-मेल की कर रही जांच
पुलिस की साइबर टीम धमकी देने के लिए इस्तेमाल किए गए ई-मेल की तकनीकी जांच कर रही है. जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संदेश कहां से भेजा गया और इसके पीछे कौन है. अभी तक धमकी देने वाले की पहचान और इसके मकसद को लेकर कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी या अफवाह पर ध्यान न दें.
एजेंसियां कर रही जांच
ऐसी किसी सूचना को आगे भेजने के बजाय आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें. स्कूलों को मिली धमकी के मामले में सुरक्षा जांच और साइबर जांच जारी है. शुरुआती तलाशी में कुछ संदिग्ध नहीं मिलने के बावजूद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं. जांच पूरी होने और धमकी की सच्चाई सामने आने के बाद ही स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी.
