
शेयर बाजार में गुरुवार को हैवी गिरावट से निवेशकों के 10 लाख करोड़ रुपये पलभर में साफ हो गए. सेंसेक्स 72000 लेवल के नीचे आ गया और निफ्टी ने 22,200 का सपोर्ट लेवल भी तोड़ दिया है.
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को खूनी खेल मच गया. आईटी सेक्टर से लेकर ऑटो और कंज्यूमर तक सभी सेक्टर भारी दबाव में दिखाई दिए. सेंसेक्स 1045.46 अंक या 1.44% टूटकर 71,593.24 पर आ गया. वहीं निफ्टी 371.25 अंक या 1.64% गिरकर 22,231.80 पर बंद हुआ. वहीं इंट्राडे कारोबार के दौरान ये दोनों इंडेक्स करीब 2 फीसदी तक टूट चुके थे.
इस भारी गिरावट के कारण निवेशकों के 10 लाख करोड़ रुपये डूब गए. बुधवार को बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन 470.98 लाख करोड़ रुपये था, जो गुरुवार को 10 लाख करोड़ रुपये गिरकर 460.97 लाख करोड़ रुपये हो गया. जबकि इंट्राडे के दौरान इसकी वैल्यू 12 लाख करोड़ रुपये तक घट गई थी.
बीएसई टॉप 30 शेयरों में से टेक महिंद्रा, इंफोसिस और एसिस बैंक को छोड़कर सभी शेयरों में भारी गिरावट रही. सबसे ज्यादा गिरावट आईटीसी के शेयर में 4.24 फीसदी की रही. इसके बाद इंडिगो, पावरग्रिड, बीईएल और अडानी पोर्ट के शेयरों में 3 फीसदी से ज्यादा की रही.
स्माल और मिडकैप में खूनी खेल
बीएसई स्मालकैप इंडेक्स 235.93 अंक या 2.58% गिरकर 8,905.10 पर बंद हुआ. वहीं मिडकैप शेयरों में भी हैवी गिरावट रही. मिडकैप इंडेक्स 445.47 अंक या 2.53 फीसदी गिरकर 17,147.95 पर बंद हुआ. मेटल सेक्टर में 3.55 फीसदी, रियल्टी में 3 फीसदी, ऑटो सेक्टर में 2.50 फीसदी, फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में 2.33 फीसदी की गिरावट देखने को मिली.
यही डर था?
निफ्टी अपने 52 सप्ताह के करीब आ चुका है, जिसने 22,200 का लेवल तोड़ दिया है. निफ्टी का ये लेवल काफी सपोर्टिव माना जाता है, लेकिन अब मार्केट में गिरावट ने इस लेवल को भी तोड़ दिया है. इससे एक डर बन गया है, हालांकि मार्केट बंद होने पर निफ्टी ने रिकवर करके 22,231.80 पर पहुंच गया, लेकिन अभी भी ये सपोर्ट लेवल के बेहद करीब है. अब आगे देखना दिलचस्प होगा कि इस लेवल पर मार्केट कितनी देर टिकता है या फिर यहीं से बाउंस बैक क सकता है?
शेयर बाजार में क्यों आई भारी गिरावट?
- रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 4 साल में पहली बार रेपो रेट को बढ़ाया है. जिसने मार्केट में एक सेंटिमेंट बदल दिया है कि महंगाई तेजी से बढ़ रही है और आगे भी इसे कंट्रोल करने के लिए रेपो रेट को बढ़ाया जा सकता है. एसबीआई रिसर्च का कहना है कि रेपो रेट को आगे 6 फीसदी तक किया जा सकता है.
- अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 30 साल के उच्च स्तर बढ़कर 5.71 फीसदी पर पहुंच गया है. बॉन्ड यील्ड में तेजी के बाद शेयर बाजार से ज्यादा आकर्षक अन्य जगह नजर आ रहे हैं. ऐसे में निवेशक स्टॉक मार्केट से अपना माल बेच रहे हैं.
- तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं. कच्चे तेल का रेट 5 फीसदी चढ़कर 104 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.
- विदेशी निवेशकों ने बड़ी सेलिंग की है. FII ने बुधवार को मार्केट से 6,121 करोड़ रुपये निकाल लिए थे. एनएसई की रिपोर्ट के मुताबिक 9 सत्रों में विदेशी निवेशकों ने 57,000 करोड़ रपुये की सेल की है.
एशियन मार्केट में भी भारी गिरावट
सिर्फ भारतीय शेयर बाजार में ही नहीं, बल्कि गुरुवार को एशियाई शेयर बाजारों में भी कोहराम (Asian Stock Market Crash) मचा हुआ नजर आया. जापान का निक्केई इंडेक्स 1000 अंक, हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 400 अंक, साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 200 अंक टूटकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा ब्रिटेन का FTSE-100 इंडेक्स करीब 1 फीसदी, CAC, DAX में भी इतनी ही गिरावट आई.
