
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि एनडीए अब देश के 80 फीसदी हिस्से पर शासन कर रहा है। उन्होंने गुजरात निकाय चुनावों में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा। शाह ने कई परियोजनाओं का शिलान्यास किया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को पश्चिम बंगाल में हाल में मिली भाजपा की जीत की सराहना की। उन्होंने कहा कि अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सहयोगी देश के 80 फीसदी हिस्से पर शासन कर रहे हैं।
कांग्रेस और आप पर साधा निशाना
अमित शाह ने रविवार को गांधीनगर नगर निगम के लिए 620 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसके बाद एक जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस का सफाया हो गया। आम आदमी पार्टी (आप) अपना खाता तक नहीं खोल सकी।
गृह मंत्री ने कहा, गुजरात में भाजपा की निरंतर विकास यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू हुई थी। बाद में पूर्व मुख्यमंत्रियों आनंदीबेन पटेल, विजय रुपाणी और मौजूदा मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इसे आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा, भाजपा के इस विकासवादी दृष्टिकोण के कारण हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस पूरी तरह खत्म हो गई। अगर दूर-दूर तक दूरबीन से भी खोजें तो कांग्रेस कहीं दिखाई नहीं देगी।
भाजपा कार्यकर्ताओं की सराहना की
उन्होंने आगे कहा, और आम आदमी पार्टी के लोग जो कहते थे -‘यहां जीतेंगे, वहां जीतेंगे’, उनका दिल्ली में सफाया हो गया और यहां वे अपना खाता भी नहीं खोल सके। शाह ने भाजपा कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने लोगों से लगातार संपर्क बनाए रखा। उनकी समस्याओं का समाधान किया, जिससे जनता का पार्टी पर भरोसा मजबूत हुआ।
कोविड-19 महामारी के समय को याद करते हुए उन्होंने कहा कि गुजरात भर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने निस्वार्थ भाव से लोगों की सेवा की। उन्होंने कहा, कहीं उन्होंने गरीबों तक राशन किट पहुंचाई, कहीं जिनका कोई नहीं था उन्हें अस्पताल पहुंचाया, कहीं जांच की व्यवस्था की और कहीं भाजपा कार्यकर्ताओं ने खुद वैक्सीन लिए बिना टीकाकरण की लाइनों को संभाला।
उन्होंने कहा कि हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की सफलता का कारण कार्यकर्ताओं का यही सेवा भाव रहा। उन्होंने कहा,जहां-जहां नगर निगम चुनाव हुए, वहां हम जीते। 84 नगरपालिकाओं में से भाजपा ने 77 जीतीं। 34 जिलों में चुनाव हुए, जिनमें से भाजपा ने 33 जिलों में जीत दर्ज की और 260 तालुका पंचायतों में से भाजपा ने 253 जीतीं।

