
गांधीनगर
गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति के पूर्व अध्यक्ष शक्तिसिंह गोहिल ने एक वीडियो बयान के जरिए राज्य की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गोहिल ने दावा किया है कि गुजरात कैबिनेट आज अडाणी समूह के पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) से जुड़ा ऐसा निर्णय लेने जा रही है, जिससे गुजरात की जनता पर लगभग 6 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
गोहिल ने कहा कि अडाणी समूह ने “फोर्स मेजर” की मांग की थी, जिसका खुद सरकार के ऊर्जा विभाग ने विरोध किया था। विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट राय दी थी कि यह बढ़ोतरी देना उचित नहीं है, क्योंकि इससे बिजली उपभोक्ताओं पर बड़ा बोझ पड़ेगा।
गोहिल ने सवाल उठाया, “जब खुद का विभाग ही मना कर रहा हो, तो सरकार किसके दबाव में उद्योगपति को फायदा पहुंचा रही है?” कांग्रेस नेता ने आगे आरोप लगाया कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की राय का सहारा लेकर इस निर्णय को कानूनी ठहराने की कोशिश कर रही है।
गोहिल ने कहा कि जिस न्यायाधीश की विश्वसनीयता पर जनता को संदेह है, उनकी राय के आधार पर 6 हजार करोड़ रुपये किसी एक कंपनी की झोली में डालना जनता के साथ संगठित विश्वासघात है। इस बारे में सरकार का ध्यान आकर्षित करने के बावजूद सुधार नहीं होने पर उन्होंने यह बयान दिया है।
शक्तिसिंह ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से अनुरोध किया है कि वे यह जनविरोधी निर्णय न लें। साथ ही पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यदि यह जानकारी गलत हो तो मुख्यमंत्री स्वयं कैमरे के सामने आकर जनता को आश्वासन दें कि ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है। गोहिल ने कहा कि सरकार में बैठे “व्हिसल ब्लोअर” अधिकारियों से ही उन्हें यह जानकारी मिली है।

