Crime File Indore: नेताओं की एफआइआर में पुलिस अफसर फंसे

चुनावी दौर में हुए झगड़े पुलिस अफसरों की मुसीबत बन गए हैं। कुछ प्रकरण न बंद हो सकते हैं, न उनमें गिरफ्तारी हो सकती है। जोन-4 के रावजी बाजार, जूनी इंदौर और भंवरकुआं थाना में कांग्रेस-भाजपा नेताओं ने एक-दूसरे पर केस दर्ज करवाए थे। जूनी इंदौर में विधायक मालिनी गौड़ के बेटे एकलव्य और भंवरकुआं में विधायक मधु वर्मा के भाई बलराम वर्मा को गंभीर धाराओं में मुलजिम बना दिया। अफसरों ने तीनों प्रकरणों में टीम बनाई और कहा कि विवाद के फोटो, वीडियो और साक्षियों के कथन एकत्र कर गिरफ्तारी के साक्ष्य जुटा लें। सोचा था कि सरकार बदली तो गिरफ्तार कर लेंगे। किंतु रविवार को आए परिणामों से दांव उलटा पड़ गया। गिरफ्तारी और चालान की तैयारी कर रहे अफसरों ने जांच से हाथ खींच लिए। नेता पुत्र-भाइयों के विरुद्ध साक्ष्य जुटाना छोड़कर अब केस से कैसे निकालें, इसका तोड़ ढूंढने लगे।

दद्दा की हार से मायूस पुलिस अफसर

दद्दा यानी डा. नरोत्तम मिश्रा की हार से शहर में पदस्थ पुलिस अफसर भी मायूस हैं। जिन पुलिस अफसरों की ड्यूटी मतगणना स्थल पर थी, उनकी नजरें दतिया विधानसभा चुनाव परिणाम पर भी लगी हुई थी। सबसे ज्यादा झटका निरीक्षकों को लगा है। शहर के ए और बी ग्रेड के थानों में दद्दा की पोस्टिंग है और टीआइ सीधे उनके संपर्क में हैं। जिनकी सी ग्रेड के थानों में पोस्टिंग हुई, वो चुनाव बाद नई पोस्टिंग का आश्वासन लेकर बैठे हुए थे। आइपीएस भी नए जिले में पोस्टिंग की जुगाड़ लगा चुके थे। दोपहर बाद जैसे ही दद्दा के पिछड़ने की खबर आई, सब एक-दूसरे को फोन लगाने लगे। शाम को स्पष्ट हो गया कि दद्दा ने हार स्वीकार कर ली है। घोषणा के साथ ही अफसरों ने भी अब नया ठीया तलाशना शुरू कर दिया है। नए विधायकों से मिलने के लिए समर्थकों से बात भी कर ली है।

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