
नई दिल्ली:
राजपाल यादव 17 जनवरी की शाम दिल्ली की तिहाड़ जेल से रिहा हुए. वह चेक बाउंस मामले में फंस हैं. दरअसल 2010 में उन्होंने अता पता लापता नाम से एक फिल्म बनाने के लिए कर्ज लिया था. फिल्म फ्लॉप रही और वादे के मुताबिक राजपाल पैसा नहीं लौटा पाए यहीं से ये मामला बढ़ता गया और एक विवाद बन गया. तारीख पर तारीख के बाद राजपाल यादव ने 5 फरवरी को सरेंडर किया और इसके बाद उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद कर दिया गया. करीब 12 दिन बाद उन्हें जमानत मिली. जमानत याचिका को लेकर पहली सुनवाई 12 फरवरी को हुई लेकिन कोर्ट ने राहत नहीं दी. अगली सुनवाई 16 फरवरी को हुई और फाइनली कुछ शर्तों के साथ कोर्ट ने राजपाल यादव को जमानत दी.
कोर्ट ने राजपाल यादव को किस शर्त पर दी जमानत?
अब इस मामले में कोर्ट ने राजपाल यादव को राहत दी लेकिन यह सिर्फ अंतरिम जमानत है. कोर्ट ने उन्हें 18 मार्च तक की ही आजादी दी है. ये जमानत भी उन्हें 19 फरवरी को शाहजहांपुर में अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए दी गई है. राजपाल यादव के वकील ने हाईकोर्ट को बताया कि उन्होंने डेढ़ करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा करवा दिया है.
बता दें कि कोर्ट ने उन्हें पासपोर्ट सरेंडर करने का आदेश भी दिया है. वह बिना इजाजत के देश से बाहर नहीं जा सकते. इस मामले में सुनवाई 18 मार्च को होनी है. 16 फरवरी को सुनवाई के दौरान जज ने कहा, हम आपको सजा पर अंतरिम रोक दे रहे हैं. यह अगली सुनवाई की तारीख तक लागू रहेगी. अगर एक्टर ने 18 मार्च से पहले पूरी रकम चुका दी तो उन्हें परमानेंट रिहाई मिल जाएगी.

