जब-जब जीवन में अंधकार छाया, जब-जब मनुष्य ने हार मानने का विचार किया— तब-तब शिर्डी के साईं बाबा ने आशा की ज्योति जलाकर भक्तों को नया मार्ग दिखाया।
साईं बाबा केवल एक नाम नहीं, वे श्रद्धा और सबूरी का साक्षात स्वरूप हैं। उनकी कृपा न जाति देखती है, न धर्म, न भाषा और न ही सीमा— साईं बाबा की कृपा समूचे राष्ट्र और समस्त मानवता के लिए समान है
आज का भारत अनेक चुनौतियों से गुजर रहा है— कहीं आर्थिक संघर्ष, कहीं सामाजिक विषमता, कहीं मानसिक तनाव और कहीं रिश्तों में टूटन।
ऐसे समय में साईं बाबा का संदेश “सबका मालिक एक” हमारे लिए केवल वाक्य नहीं, बल्कि जीवन जीने की दिशा है।
यदि हर देशवासी अपने भीतर थोड़ी-सी श्रद्धा, थोड़ी-सी सबूरी और थोड़ी-सी इंसानियत जगा ले— तो नफरत की दीवारें अपने आप गिर जाएँगी और प्रेम, सेवा व करुणा का भारत बनेगा।
साईं बाबा की कृपा से ही बीमार को संबल मिलता है, निर्बल को शक्ति मिलती है, और निराश मन को नई उम्मीद मिलती है।
आज आवश्यकता है कि हम सब मिलकर प्रार्थना करें—
“हे साईं बाबा, आपकी कृपा समस्त देशवासियों पर बनी रहे, हमारा राष्ट्र शांति, सद्भाव और समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़े, और हर नागरिक के जीवन में सुख, स्वास्थ्य व सम्मान बना रहे।”
साईं बाबा की यह कृपा केवल मंदिरों तक सीमित न रहे, बल्कि हर घर, हर दिल और हर कर्म में दिखाई दे— यही सच्ची साईं भक्ति है।
✍️ कलम से
बॉलीवुड लेखक एवं निर्देशक राजेश भट्ट (मुंबई)
📰 प्रस्तुति
जन कल्याण टाइम न्यूज़, मुंबई (जन-जन तक साईं संदेश पहुँचाने का संकल्प)