
“एक दिन हम सब मर जाएंगे…”
यह वाक्य कोई डराने वाली बात नहीं है, बल्कि जीवन की सबसे बड़ी सच्चाई है।
हैरानी की बात यह है कि इस सच्चाई को जानने के बावजूद भी हम रोज़ किसी न किसी का जीना मुश्किल बना देते हैं।
सुबह से रात तक —
कोई किसी को नीचा दिखाने में लगा है,
कोई जलन में सुलग रहा है,
कोई अहंकार में अंधा हो चुका है,
तो कोई सिर्फ़ इसलिए किसी को तोड़ना चाहता है क्योंकि वह आगे बढ़ रहा है।
एक आम आदमी की असाधारण सीख

मुंबई की भागती-दौड़ती ज़िंदगी में रहने वाले रमेश एक साधारण नौकरी करते थे।
हर दिन लोकल ट्रेन, भीड़, तनाव और घर-ऑफिस की जद्दोजहद — यही उनकी दुनिया थी।
एक दिन ट्रेन में सफर करते हुए उन्होंने देखा कि दो लोग मामूली बात पर आपस में झगड़ रहे थे।
गालियाँ, धक्का-मुक्की, नफ़रत — सब कुछ।

उसी ट्रेन में एक बुज़ुर्ग चुपचाप बैठे थे।
उनकी आँखों में गहरी शांति थी।
जब झगड़ा चरम पर पहुँचा, तो बुज़ुर्ग ने सिर्फ़ एक वाक्य कहा—
“बेटा, पता है… हम सबको एक दिन जाना ही है।”
पूरी बोगी में सन्नाटा छा गया।
उन्होंने आगे कहा—
“फिर भी हम हर रोज़ किसी न किसी की ज़िंदगी जहन्नुम बना देते हैं।
क्या यही इंसान होने की पहचान है?”
वह पल जो ज़िंदगी बदल देता है
रमेश के दिल में यह बात घर कर गई।
उस रात वे सो नहीं पाए।
उन्होंने खुद से सवाल किया—
क्या मैंने कभी किसी को दुख पहुँचाया?
क्या मेरी ज़िद, मेरा गुस्सा किसी की मुस्कान छीन रहा है?
अगर आज मेरी आख़िरी रात हो, तो क्या मैं चैन से सो पाऊँगा?
उसी दिन से रमेश ने एक छोटा सा फैसला लिया—
“मैं किसी की वजह से नहीं, बल्कि इंसानियत की वजह से जियूँगा।”
छोटे बदलाव, बड़ा असर
उन्होंने देखा—

ऑफिस में एक मुस्कान माहौल बदल देती है
किसी की बात सुन लेना आधा दर्द कम कर देता है
बिना स्वार्थ मदद करना सुकून देता है
धीरे-धीरे रमेश सिर्फ़ एक कर्मचारी नहीं रहा,
वह लोगों के लिए सहारा बन गया।
जीवन का असली अर्थ
सच यह है कि—
पैसा यहीं रह जाएगा
पद यहीं रह जाएगा
अहंकार यहीं सड़ जाएगा
हमारे साथ सिर्फ़ हमारा व्यवहार, हमारी यादें और हमारी इंसानियत जाएगी।
अगर मरना तय है,
तो फिर किसी का जीना हराम क्यों करना?
आज का संदेश
आज ज़रूरत इस बात की नहीं कि हम महान बनें,
बस इंसान बन जाएँ — वही काफ़ी है।
नफ़रत कम करें
ईर्ष्या छोड़ें
माफ़ करना सीखें
और सबसे ज़रूरी — किसी की ज़िंदगी को आसान बनाएँ, मुश्किल नहीं

Jan Kalyan Time News का संदेश
यह कहानी सिर्फ़ पढ़ने के लिए नहीं,
बल्कि जीने के लिए है।
अगर यह संदेश एक भी इंसान को सोचने पर मजबूर कर दे —
तो समझिए, कलम की मेहनत सफल हुई।

— राजेश लक्ष्मण गावड़े
Editor in Chief – Jan Kalyan Time News
🇮🇳 गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 का संकल्प
इस गणतंत्र दिवस पर हम सभी देशवासी यह संकल्प लें कि किसी भी प्रकार की समस्या हो, उसे प्यार और मोहब्बत से आपसी संवाद द्वारा सुलझाएँगे; हर इंसान को सम्मानपूर्वक जीने का पूरा अधिकार है, और किसी भी रूप में हिंसा या हत्या इंसानियत और संविधान दोनों के विरुद्ध अपराध है।
Jai Hind 🇮🇳✨
