
यह एक ऐसा संदेश है जो आस्था, संविधान और मानवता—तीनों को एक सूत्र में पिरोता है।
बॉलीवुड के वरिष्ठ लेखक एवं निर्देशक
श्री राजेश भट्ट साहब
की ओर से,
मुंबई की धरती से उठकर,
यह संदेश देश के हर नागरिक, हर दिल और हर सोच तक पहुँचे—
इसी संकल्प के साथ यह भावनात्मक प्रस्तुति समर्पित है।

साईं बाबा की शांति भरी दृष्टि हमें याद दिलाती है—
कि धर्म से ऊपर इंसानियत होती है,
और सत्ता से ऊपर संविधान।
जब तिरंगे के रंग साईं के आशीर्वाद से मिलते हैं,
तो एक ही स्वर गूँजता है—
सबका मालिक एक, और देश सबसे पहले।

यह संदेश हमें यह भी सिखाता है कि—
देश की सेवा केवल शब्दों से नहीं,
आचरण से होती है।
नफरत छोड़कर प्रेम चुनना,
भेदभाव छोड़कर समानता अपनाना,
और स्वार्थ छोड़कर सेवा का मार्ग पकड़ना—
यही सच्ची राष्ट्रभक्ति है।
मीडिया प्रस्तुति
इस विचारधारा को जन–जन तक पहुँचाने का माध्यम बना है—

📰 जन कल्याण टाइम्स न्यूज़, मुंबई
🎥 प्रस्तुति एवं विशेष कवरेज:

धनंजय राजेश गावड़े
(प्रेस फ़ोटोग्राफ़र)
जिनकी कैमरा-नज़र ने केवल तस्वीर नहीं,
एक युग का भाव कैद किया है।
संदेश का सार
“देश की सेवा भी ईश्वर की सेवा है।
और जब विचार सच्चे हों,
तो संदेश खुद रास्ता बना लेता है।”
साईराम…
जय संविधान…
जय हिंद… जय भारत। 🇮🇳✨
