
प्रिय दर्शको,
नमस्कार 🙏
ज़िंदगी किसी एक दिन का नाम नहीं है।
ज़िंदगी उन सभी दिनों का जोड़ है,
जब आपने गिरकर फिर से उठने की हिम्मत की।
आज के इस तेज़ रफ्तार दौर में इंसान के पास सब कुछ है—
तकनीक है, साधन हैं, सुविधाएँ हैं—
लेकिन फिर भी अगर किसी चीज़ की सबसे ज़्यादा कमी है,
तो वह है सुकून और आत्म-विश्वास।
मैंने अपने जीवन और सिनेमा की यात्रा में यही सीखा है कि—
दर्द से भागने वाला इंसान कभी मज़बूत नहीं बनता,
और जो दर्द को समझ लेता है, वही सच्चा कलाकार बनता है—
चाहे वह ज़िंदगी का हो या कला का।
🌱 हर अंधेरे के बाद उजाला तय है
जब ज़िंदगी आपको तोड़ने की कोशिश करे,
तो समझ लेना—
आपको बनाने की तैयारी हो रही है।
असफलता कोई सज़ा नहीं है,
वह एक सबक है,
जो ज़िंदगी बहुत सोच-समझकर देती है।
जो आज हार मान लेता है,
वह कल की जीत कभी नहीं देख पाता।

🔥 अपने भीतर की आवाज़ सुनिए
दुनिया आपको बार-बार बताएगी—
- तुम ये नहीं कर सकते
- तुम वहाँ तक नहीं पहुँच सकते
लेकिन याद रखिए—
आपकी अंतरात्मा की आवाज़ सबसे सच्ची होती है।
अगर आप खुद पर विश्वास कर लें,
तो कोई ताक़त आपको रोक नहीं सकती।
🎬 सपने देखना अपराध नहीं
मैं युवाओं से विशेष रूप से कहना चाहता हूँ—
सपने देखिए,
बड़े देखिए,
और उन्हें पूरा करने की ज़िद रखिए।
क्योंकि—
जो लोग सपनों का मज़ाक उड़ाते हैं,
वही लोग एक दिन आपकी सफलता पर तालियाँ बजाते हैं।
🤝 इंसान बनना सबसे बड़ी कामयाबी है
कामयाबी सिर्फ नाम, पैसा और शोहरत नहीं है।
असल कामयाबी है—
- किसी के चेहरे पर मुस्कान लाना
- किसी टूटे इंसान को हौसला देना
- और इंसान बने रहना, जब दुनिया पत्थर बन जाए
✨ अंत में बस इतना ही
ज़िंदगी से शिकायत कम कीजिए,
मेहनत ज़्यादा कीजिए।
वक़्त लगेगा,
लेकिन आपका वक़्त भी आएगा—
बस खुद पर भरोसा मत खोइए।
जन–जन तक प्रेरणा का संदेश

जन कल्याण टाइम न्यूज़, मुंबई के माध्यम से

— राजेश भट्ट
(बॉलीवुड लेखक–निर्देशक)
📸 प्रस्तुति:

धनंजय राजेश गवाड़े
प्रेस फ़ोटोग्राफ़र