अंधेरी में सामूहिक पुनर्विकास को मिली मंजूरी

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने अंधेरी पश्चिम स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल नगर कॉलोनी के 498 भूखंडों पर सामूहिक पुनर्विकास की योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत लगभग 4,973 नए फ्लैट बनाए जाएंगे। प्रस्ताव को मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिली।

म्हाडा करेगी परियोजना का क्रियान्वयन
म्हाडा इस परियोजना को बांद्रा रिक्लेमेशन, आदर्श नगर और वर्ली की पुनर्विकास परियोजनाओं की तर्ज पर लागू करेगी। इसके लिए आवास विभाग के सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समिति बनाई जाएगी। सरदार वल्लभभाई पटेल नगर का यह भूखंड मूल रूप से 1993 में विश्व बैंक परियोजना के तहत आवंटित हुआ था। इस क्षेत्र में 98 सहकारी सोसायटियां और 24 उच्च आय वर्ग के भूखंड भी शामिल हैं।

निवासियों को मिलेंगे बड़े और आधुनिक घर
बृहन्मुंबई विकास नियंत्रण नियमों के तहत म्हाडा यहां अत्याधुनिक पुनर्विकास करेगी। इससे निवासियों को पहले से बड़े और आधुनिक घर उपलब्ध होंगे। परियोजना में 60 वर्ग मीटर वाले 62 भूखंड और 100 वर्ग मीटर वाले 245 निजी भूखंड भी शामिल हैं।

टाउनशिप की तरह विकसित होंगी सुविधाएं
इस पुनर्विकास परियोजना में टाउनशिप मॉडल अपनाया जाएगा, जिसमें हरित क्षेत्र, स्कूल, स्वास्थ्य सेवाएं और वाणिज्यिक स्थानों की योजना होगी। साथ ही खेल के मैदान, स्विमिंग पूल, व्यायामशाला, सभागार और संस्था कार्यालय भी बनाए जाएंगे। जलापूर्ति, सीवेज, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं आधुनिक रूप में उपलब्ध होंगी, वहीं सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन और अपशिष्ट प्रबंधन जैसी ग्रीन बिल्डिंग सुविधाओं को भी शामिल किया जाएगा।

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने अंधेरी पश्चिम स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल नगर कॉलोनी के 498 भूखंडों पर सामूहिक पुनर्विकास की योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत लगभग 4,973 नए फ्लैट बनाए जाएंगे। प्रस्ताव को मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिली।

म्हाडा करेगी परियोजना का क्रियान्वयन
म्हाडा इस परियोजना को बांद्रा रिक्लेमेशन, आदर्श नगर और वर्ली की पुनर्विकास परियोजनाओं की तर्ज पर लागू करेगी। इसके लिए आवास विभाग के सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समिति बनाई जाएगी। सरदार वल्लभभाई पटेल नगर का यह भूखंड मूल रूप से 1993 में विश्व बैंक परियोजना के तहत आवंटित हुआ था। इस क्षेत्र में 98 सहकारी सोसायटियां और 24 उच्च आय वर्ग के भूखंड भी शामिल हैं।

निवासियों को मिलेंगे बड़े और आधुनिक घर
बृहन्मुंबई विकास नियंत्रण नियमों के तहत म्हाडा यहां अत्याधुनिक पुनर्विकास करेगी। इससे निवासियों को पहले से बड़े और आधुनिक घर उपलब्ध होंगे। परियोजना में 60 वर्ग मीटर वाले 62 भूखंड और 100 वर्ग मीटर वाले 245 निजी भूखंड भी शामिल हैं।

टाउनशिप की तरह विकसित होंगी सुविधाएं
इस पुनर्विकास परियोजना में टाउनशिप मॉडल अपनाया जाएगा, जिसमें हरित क्षेत्र, स्कूल, स्वास्थ्य सेवाएं और वाणिज्यिक स्थानों की योजना होगी। साथ ही खेल के मैदान, स्विमिंग पूल, व्यायामशाला, सभागार और संस्था कार्यालय भी बनाए जाएंगे। जलापूर्ति, सीवेज, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं आधुनिक रूप में उपलब्ध होंगी, वहीं सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन और अपशिष्ट प्रबंधन जैसी ग्रीन बिल्डिंग सुविधाओं को भी शामिल किया जाएगा।

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने अंधेरी पश्चिम स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल नगर कॉलोनी के 498 भूखंडों पर सामूहिक पुनर्विकास की योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत लगभग 4,973 नए फ्लैट बनाए जाएंगे। प्रस्ताव को मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिली।

म्हाडा करेगी परियोजना का क्रियान्वयन
म्हाडा इस परियोजना को बांद्रा रिक्लेमेशन, आदर्श नगर और वर्ली की पुनर्विकास परियोजनाओं की तर्ज पर लागू करेगी। इसके लिए आवास विभाग के सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समिति बनाई जाएगी। सरदार वल्लभभाई पटेल नगर का यह भूखंड मूल रूप से 1993 में विश्व बैंक परियोजना के तहत आवंटित हुआ था। इस क्षेत्र में 98 सहकारी सोसायटियां और 24 उच्च आय वर्ग के भूखंड भी शामिल हैं।

निवासियों को मिलेंगे बड़े और आधुनिक घर
बृहन्मुंबई विकास नियंत्रण नियमों के तहत म्हाडा यहां अत्याधुनिक पुनर्विकास करेगी। इससे निवासियों को पहले से बड़े और आधुनिक घर उपलब्ध होंगे। परियोजना में 60 वर्ग मीटर वाले 62 भूखंड और 100 वर्ग मीटर वाले 245 निजी भूखंड भी शामिल हैं।

टाउनशिप की तरह विकसित होंगी सुविधाएं
इस पुनर्विकास परियोजना में टाउनशिप मॉडल अपनाया जाएगा, जिसमें हरित क्षेत्र, स्कूल, स्वास्थ्य सेवाएं और वाणिज्यिक स्थानों की योजना होगी। साथ ही खेल के मैदान, स्विमिंग पूल, व्यायामशाला, सभागार और संस्था कार्यालय भी बनाए जाएंगे। जलापूर्ति, सीवेज, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं आधुनिक रूप में उपलब्ध होंगी, वहीं सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन और अपशिष्ट प्रबंधन जैसी ग्रीन बिल्डिंग सुविधाओं को भी शामिल किया जाएगा।

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