
पहली बार महाराष्ट्र खंड में 40 मीटर लंबा पीएससी बॉक्स गर्डर लगाया गया
पालघर। भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए एनएचएसआरसीएल ने मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के महाराष्ट्र खंड में पहले ‘फुल-स्पैन प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट (पीएससी) बॉक्स गर्डर’ की सफल शुरुआत की है। यह महत्वपूर्ण कदम 6 सितंबर को पालघर जिले के दहानु सखारे गांव में उठाया गया, जो महाराष्ट्र खंड के 156 किलोमीटर लंबे गलियारे के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा।
फुल स्पैन लॉन्चिंग गैन्ट्री का उपयोग
एनएचएसआरसीएल ने बताया कि इस गर्डर की स्थापना ‘फुल स्पैन लॉन्चिंग गैन्ट्री’ (FSLG) के माध्यम से की गई। गर्डर की लंबाई 40 मीटर है और यह भारतीय रेल निर्माण में अपनी तरह का सबसे भारी गर्डर है।
महाराष्ट्र खंड की संरचना
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का महाराष्ट्र खंड कुल 156 किलोमीटर लंबा है। इसमें गुजरात सीमा के पास शिलफाटा और ज़रोली गांव के बीच 135 किलोमीटर का एलिवेटेड अलाइनमेंट भी शामिल है। इस खंड के निर्माण में कुल 2,575 फुल-स्पैन गर्डर का उपयोग किया जाएगा, जिनमें प्रत्येक गर्डर लगभग 970 मीट्रिक टन का है।
यह प्रगति न केवल बुलेट ट्रेन परियोजना में तकनीकी उपलब्धि है, बल्कि भारत में उच्च गति रेल निर्माण के क्षेत्र में एक नई मिसाल भी पेश करती है।