ट्रांसपोर्टरों को मिली राहत भारी वाहनों में क्लीनर की अनिवार्यता खत्म

मुंबई : राज्य सरकार ने भारी वाहनों में क्लीनर रखने की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। अब ट्रक या अन्य व्यावसायिक वाहन बिना क्लीनर के सड़कों पर चल सकेंगे। इस फैसले से माल परिवहन संघों और ट्रक चालकों में खुशी का माहौल है।

जुर्माने से मिली छूट, करोड़ों की बचत
पहले भारी वाहनों में क्लीनर न होने पर प्रति दिन 1,500 रुपये का जुर्माना लगाया जाता था। कई ट्रांसपोर्टरों को यह चालान बार-बार भरना पड़ता था, जिससे उन पर करोड़ों रुपये का आर्थिक बोझ पड़ रहा था। अब इस फैसले से ट्रांसपोर्टरों को बड़ी राहत मिलेगी।

लंबे समय से उठ रही थी मांग
ट्रांसपोर्ट संगठनों का कहना था कि क्लीनर की अनिवार्यता अनुचित और आर्थिक रूप से कष्टदायक है। इस मुद्दे पर 16 जून, 2025 को आज़ाद मैदान में विरोध प्रदर्शन भी किया गया था और 1 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई थी। इसके बाद परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक और विभागीय अधिकारियों के साथ हुई बैठक में सरकार ने मांगें मान लीं।

ट्रांसपोर्टरों ने जताई खुशी
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बाल मलकीत सिंह ने कहा, “क्लीनर को रद्द करने का फैसला सिर्फ प्रशासनिक आदेश नहीं है, बल्कि हर ट्रक चालक और ट्रांसपोर्टर की जीत है। इस निर्णय से करोड़ों रुपये की बचत होगी और ड्राइवरों को बेवजह की परेशानी से छुटकारा मिलेगा।”

परिवहन क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से न केवल ट्रांसपोर्टरों को आर्थिक लाभ होगा, बल्कि परिवहन क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव आएंगे। यह फैसला लंबे संघर्ष और लगातार उठाई गई मांगों का नतीजा है।

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