विकास के लिए दिल्ली दौरा सीएम फडणवीस ने की कई मंत्रियों से की मुलाकात महाराष्ट्र की बड़ी परियोजनाओं पर हुई चर्चा

मुंबई/नई दिल्ली। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दो दिवसीय दिल्ली दौरे के तहत शुक्रवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मिले। इस दौरान उन्होंने राज्य की उन बड़ी परियोजनाओं पर चर्चा की जो विभिन्न अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों की सहायता से क्रियान्वित की जा रही हैं। वित्त मंत्री ने महाराष्ट्र के राजकोषीय अनुशासन की सराहना करते हुए आर्थिक मामलों के विभाग (DEA) को बहुवर्षीय परियोजनाओं को शीघ्र मंजूरी देने का निर्देश दिया।

विदर्भ में बनेगा 10,000 करोड़ रुपये का उर्वरक संयंत्र
सीएम फडणवीस ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर नागपुर जिले में गेल, उर्वरक विभाग और महाराष्ट्र सरकार के संयुक्त उपक्रम के माध्यम से 12.7 लाख टन सालाना क्षमता का एक बड़ा उर्वरक संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। इस परियोजना की लागत करीब 10,000 करोड़ रुपये होगी। नड्डा ने इसके लिए कैबिनेट प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

14,000 किमी लंबी ग्रामीण सड़कों के लिए 22,490 करोड़ का प्रस्ताव
राज्य सरकार ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय को 2.6 अरब डॉलर (लगभग 22,490 करोड़ रुपये) की लागत से 14,000 किलोमीटर ग्रामीण सड़कें बनाने का प्रस्ताव सौंपा है। यह सड़कें एडीबी की सहायता से बनाई जाएंगी और 25 साल तक रखरखाव-मुक्त रहेंगी। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे किसानों के लिए बेहद उपयोगी परियोजना बताया।

प्रधानमंत्री आवास योजना में महाराष्ट्र शीर्ष पर
शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में पीएम आवास योजना के सर्वेक्षण कार्य को तीव्र गति से पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री फडणवीस की प्रशंसा की। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने देश में सर्वाधिक 30 लाख घरों की मंजूरी महाराष्ट्र को दी है।

नीति आयोग से भी हुई अहम बातचीत
फडणवीस ने नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम और सदस्य राजीव गौबा से मुलाकात की। आयोग ने एफआरबीएम सीमा को 18% तक बनाए रखने के लिए महाराष्ट्र की सराहना की और परियोजनाओं को जल्द मंजूरी देने का भरोसा दिलाया।

AI और जल प्रबंधन सहित अन्य योजनाओं पर चर्चा
फडणवीस ने एनसीडी (गैर-संचारी रोग) स्क्रीनिंग के लिए AI आधारित मॉडल, बांस आधारित क्लस्टर, मराठवाड़ा जल ग्रिड, दमनगंगा-गोदावरी नदी जोड़ परियोजना तथा आईटीआई को निजी क्षेत्र से जोड़ने वाली स्किल ट्रेनिंग योजनाओं पर भी प्रस्तुति दी। ये परियोजनाएं कुल मिलाकर 2 अरब डॉलर से अधिक मूल्य की हैं।

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