

राजेश लक्ष्मण गावड़े
मुख्य संपादक (जन कल्याण टाइम)
📰 जन कल्याण टाइम न्यूज के माध्यम से
🎥 दर्शकों को समर्पित एक प्रेरणादायक सामाजिक संदेश
📸 विशेष सहयोग: समाज सेवक एवं जन कल्याण टाइम न्यूज के फोटोग्राफर श्री किशोरभाई जगने
🕊️ एक प्रेरणादायक जीवन सेवा गाथा
📍 स्थान: देवदृष्टि अपार्टमेंट, अशोकवन सोसाइटी, छापरा रोड, नवसारी
💞 सेवा स्थल: बनास गौशाला, छापरा रोड, नवसारी
🌟 नाम जिन्होंने सेवा को जीवन बना दिया:
🔹 श्री दीपेश परेशभाई परमार
🔹 श्रीमती हर्षा दीपेश परमार

🌿 नि:स्वार्थ सेवा की सच्ची मिसाल:
हर्षा जी और दीपेश जी न सिर्फ़ एक आदर्श दंपती हैं, बल्कि बेज़ुबान जानवरों के सच्चे सेवक भी हैं।
इनका जीवन अब एक मिशन बन चुका है — गायों और कुत्तों की सेवा।
इन्होंने न किसी से सहायता मांगी, न प्रसिद्धि की चाह रखी — बस सेवा को ही अपना धर्म मान लिया।

🐶🐄 इनकी सेवाएं क्या-क्या करती हैं?
- 🚶♂️ रोज़ाना सड़कों पर घूमकर भूखे कुत्तों को भोजन कराना।
- 🌾 गायों को हर दिन चारा और पानी उपलब्ध कराना।
- 🏥 बीमार पशु-पक्षियों का इलाज अपने निजी धन से करवाना।
- ❤️ इन बेज़ुबानों से आत्मिक रिश्ता जोड़ लेना।
इनकी सेवा में न कोई दिखावा है, न कोई प्रचार।
ये दोनों पति-पत्नी तन, मन, धन से समर्पित होकर अपने जीवन का प्रत्येक दिन इन मूक प्राणियों की सेवा में समर्पित करते हैं।
🙏 एक समाज के लिए प्रेरणा:
जब हम मानवता की बात करते हैं, तो वह सिर्फ़ इंसानों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
हर्षा और दीपेश परमार जी हमें सिखाते हैं कि —
❝बिना बोले, बिना शिकायत किए — ये जानवर भी हमारे परिवार का हिस्सा हैं।❞
❝सच्ची मानवता वहीं है जहाँ मूक जीवों की भी सुध ली जाए।❞

📢 एक सुंदर संदेश समाज के नाम:
❝यदि हम हर दिन दो रोटी किसी भूखे जानवर को दे सकें,
अगर हम एक गाय या कुत्ते की भी देखभाल कर सकें,
तो यह पुण्य किसी मंदिर में दिया जलाने से कम नहीं होगा।❞
🤝 आइए जुड़ें इस नेक कार्य से:
अगर आप नवसारी में हैं, या इनकी सेवा में सहयोग देना चाहते हैं,
तो आप बनास गौशाला या छापरा रोड क्षेत्र में इनसे संपर्क कर सकते हैं।
आप भोजन, चारा, दवाइयां या सेवा देने में मदद कर सकते हैं —
और यह छोटी सी मदद किसी जानवर की जान बचा सकती है।

🌸 जय गौ माता 🙏 | जय मानवता 🙌 | जय करुणा 💖
✍️ लेखक: समाज का एक जागरूक नागरिक
🎥 प्रस्तुति: जन कल्याण टाइम न्यूज के माध्यम से
📸 विशेष सहयोग: समाज सेवक एवं फोटोग्राफर श्री किशोरभाई जगने जी