सूरत : पांच दिन के ब्रेन डेड बच्चे का अंगदान करने वाले परिवार की सी.आर. पाटिल ने सरहाना की

भारत में पहली बार सूरत में पांच दिन के नवजात शिशु के अंगों का दान किया गया, जिससे अन्य बच्चों के जीवन में नई रोशनियां जुड़ गईं। गुजरात बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सी. आर. पाटिल ने संघानी परिवार की मुलाकात की और कठीन समय में उनके फैसले की सराहना की।

सूरत के सरथाणा इलाके में वालक पाटिया के पास गीतांजलि रो हाउस में रहने वाले हर्ष संघानी के घर जब बच्चे का जन्म हुआ तो परिवार खुशी से झूम उठा। 16 अक्टूबर को जन्मा बच्चा हलन चलन में असमर्थ होने पर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिसके बाद बच्चे को आगे के इलाज के लिए सावनी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया।

बच्चे के जन्म को लेकर पहले तो परिवार के लोग खुश थे। लेकिन जब अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्चे की सारी रिपोर्ट जारी की तो परिवार गहरे शोक में डूब गया। हीरा उद्योग में हीरे तरासने का काम करने वाले हर्ष संघानी की पत्नी चेतना संघानी ने एक बच्चे को जन्म दिया है। लेकिन जब पांच दिन के भीतर ही बच्चे को मस्तिष्कहीन ब्रेनडेड घोषित कर दिया गया, तो परिवार ने आखिरकार बच्चे के अंगों को दान करने का फैसला किया। उनका बच्चा परिवार के साथ नहीं रहा, लेकिन परिवार ने दूसरों के बच्चों को नया जीवन देने के लिए बच्चे के अंगों को दान करने का कठिन निर्णय लिया। जिसके बाद जन्मे बच्चे की दो किडनी, लीवर, तिल्ली और आंखें दान कर दी गईं, छह अन्य बच्चों के जीवन में नई रोशनियां भर गईं।

गुजरात बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल ने संघानी परिवार के दिल पर पत्थर लगाने वाले इस फैसले की सराहना की है। परिवार के सामाजिक हित में इस फैसले का स्वागत करते हुए भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल ने आज संघानी परिवार के घर का दौरा किया। जहां भाजपा अध्यक्ष सी.आर. पाटिल ने ब्रेनडेड बच्चे के माता-पिता और परिवार के सदस्यों से मुलाकात की। इस मौके पर गुजरात बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि संघानी परिवार ने महज पांच दिन के जन्मे ब्रेनडेड बच्चे के अंगों को दान करने का बहुत दृढ़ निर्णय लिया है और समाज को अंगदान के प्रति जागरूक करने का एक सामाजिक संदेश भी दिया है।

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