surat news : नहीं सुलझा सात जनों की मौत का रहस्य, सभी दिशाओं में जांच

सूरत. पालनपुर पाटिया इलाके में सोलंकी परिवार के सात जनों की सामूहिक आत्महत्या का रहस्य अभी भी बरकरार है। आखिर उन्होंने किन कारणों से यह खौफनाक कदम उठाया इसको लेकर कोई खुलासा नहीं हो पाया है। डीसीपी आर.पी. बारोट ने बताया कि अभी तक कोई कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। परिजनों ने भी प्राथमिक पूछताछ में किसी पर कोई आशंका व्यक्त नहीं की है।
पुलिस की अलग-अलग टीमें सभी दिशाओं में पड़ताल कर रही है। मनीष से जुड़े सभी व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है। मनीष धार्मिक स्वभाव का था। वह अपने घर में पूजा-पाठ करवाता था। सोशल मीडिया में तंत्र मंत्र की बात को लेकर वीडियो वायरल हुआ है। उसमें कोई तथ्य नहीं है। इस बारे में पूछताछ की गई थी। अपने मित्र के साथ मनीष साधु (सन्यासी) के दर्शन करने के लिए गया था।
उस समय का वीडियो है। तंत्र-मंत्र का कोई तथ्य सामने नहीं आया हैं। गौरतलब है कि पालनपुर पाटिया स्थित श्री सिद्धेश्वर कॉम्प्लेक्स निवासी इंटीरीयर डिजाइनर मनीष सोंलकी व उनके परिवार के अन्य छह सदस्य रहस्यमय हालात में शनिवार दोपहर घर में मृत पाए गए थे। सुबह मनीष अपने कार्यस्थल पर नहीं पहुंचे तो उनका एक कर्मचारी उनके घर आया।
दरवाजा अंदर से बंद था, उसने खिड़की से देखा तो अंदर सभी के शव पड़े थे। सूचना मिलने पर पुलिस काफिला मौके पर पहुंचा। पुलिस को घर से मनीष का सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें उसने अपने इस कदम के लिए स्पष्ट तौर पर किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया। यह जरुरत बताया कि वह जीवन की मुश्किलों व कुछ करीबी लोगों से आहत था।

जहर से मौत नहीं होने पर गला घोंटा गया
प्राथमिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुछ तथ्य सामने आए हैं। डॉक्टरों ने मनीष की मौत फांसी लगाने की वजह से होने की पुष्टी की है। उसके शरीर में जहर नहीं पाया गया हैं। उसकी पत्नी रेश्मा, पिता कनु सोलंकी, माता शोभना, पुत्री दिशा, काव्या और पुत्र कुशल सोलंकी के शरीर में जहर मिला है। वहीं शोभना व दिशा के गले पर निशान भी मिले हैं। माना जा रहा है कि जहर देने के बावजूद भी उनकी मौत नहीं हुई तो गला घोंट कर हत्या की गई। हालांकि डॉक्टरों ने मनीष के अलावा अन्य लोगों की मौत कारणों को लेकर फाइनल रिपोर्ट नहीं दी है। उनकी विसेरा जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट हो पाएगा।

एसआइटी कर रही है मामले की जांच
पूरे शहर को झकझोर देने वाली इस सामूहिक आत्महत्या के मामले की जांच के लिए शहर पुलिस आयुक्त अजय तोमर ने स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) बनाई है। पुलिस उपायुक्त जोन-5 आर.पी. बारोट के नेतृत्व में सहायक पुलिस आयुक्त के डीवीजन बी.एम.चौधरी, अडाजण थाने के सीनियर पुलिस निरीक्षक आर.बी. गोजिया समेत विभाग के चुनिंदा पुलिसकर्मी मामले की जांच करेंगे।

मोबाइल सीडीआर और आर्थिक लेनदेन की पड़ताल
चर्चा थी कि मनीष को लोगों से करीब एक करोड़ रुपए लेने थे, लेकिन लोग उसके रुपए लौटा नहीं रहे थे। जिसकी वजह से उसकी माली हालत ठीक नहीं थी। उस पर कुछ लोगों की देनदारी थी। इन सब तत्थों का पता लगाने के लिए पुलिस ने मनीष व उसके परिजनों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकलवा रही है। मनीष व उसके परिजनों के बैंक खातों व उनके आर्थिक लेनदेन की भी जानकारी जुटा रही है। इन सब की जांच और पूछताछ के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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