
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) भारत में डिजिटल भुगतान का एक प्रमुख माध्यम है, जो नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा संचालित है।
यह उपयोगकर्ताओं को त्वरित और सुरक्षित तरीके से पैसे ट्रांसफर करने की सुविधा प्रदान करता है। नीचे UPI से भुगतान के बारे में विस्तृत जानकारी और 19 अप्रैल 2025 तक की तारीख में टैक्स से संबंधित कोई ब्रेकिंग न्यूज़ दी गई है, जो क्रमांक (serial number) के साथ व्यवस्थित है।
UPI से भुगतान का पूरा विवरण
UPI क्या है?
UPI एक रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम है जो उपयोगकर्ताओं को अपने बैंक खाते से सीधे पैसे भेजने या प्राप्त करने की अनुमति देता है।
यह मोबाइल ऐप्स जैसे Google Pay, PhonePe, Paytm, BHIM आदि के माध्यम से काम करता है।
UPI लेनदेन के लिए वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (VPA) जैसे “xyz@upi” का उपयोग होता है, जिससे IFSC कोड या बैंक खाता नंबर की आवश्यकता नहीं पड़ती।
UPI की विशेषताएं
त्वरित लेनदेन: 24/7 उपलब्ध, छुट्टियों में भी काम करता है।
सुरक्षा: दो-स्तरीय प्रमाणीकरण (पिन और मोबाइल डिवाइस)।
एकाधिक खाते: एक UPI ID से कई बैंक खातों को लिंक किया जा सकता है।
उपयोग की आसानी: QR कोड स्कैन करके या VPA के माध्यम से भुगतान।
निशुल्क: व्यक्तिगत (P2P) और व्यक्ति-से-मर्चेंट (P2M) लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं।
UPI के प्रकार के लेनदेन
P2P (Person-to-Person): दो व्यक्तियों के बीच धन हस्तांतरण, जैसे दोस्तों को पैसे भेजना।
P2M (Person-to-Merchant): दुकानों, ऑनलाइन स्टोर, या सर्विस प्रोवाइडर को भुगतान।
बिल भुगतान: बिजली, पानी, मोबाइल रिचार्ज आदि के लिए।
टैक्स और सरकारी भुगतान: आयकर, GST, या अन्य सरकारी शुल्क।
UPI की लेनदेन सीमा
सामान्य P2P और P2M लेनदेन की सीमा: ₹1 लाख प्रति लेनदेन।
विशेष श्रेणियों में उच्च सीमा:
बीमा भुगतान: ₹2 लाख।
IPO, आयकर, आदि: ₹5 लाख।
9 अप्रैल 2025 को RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने घोषणा की कि P2M लेनदेन के लिए सीमा को जल्द ही बढ़ाया जा सकता है, जैसे कार खरीदने के लिए डाउन पेमेंट।
UPI लेनदेन की प्रक्रिया
चरण 1: UPI ऐप डाउनलोड करें (जैसे Google Pay, PhonePe) और रजिस्टर करें।
चरण 2: अपने बैंक खाते को मोबाइल नंबर के साथ लिंक करें।
चरण 3: VPA बनाएं और UPI पिन सेट करें।
चरण 4: प्राप्तकर्ता का VPA, मोबाइल नंबर, या QR कोड दर्ज करें।
चरण 5: राशि डालें, UPI पिन दर्ज करें, और लेनदेन पूरा करें।
चरण 6: लेनदेन की पुष्टि SMS और ऐप नोटिफिकेशन के माध्यम से प्राप्त करें।
UPI की लोकप्रियता
मार्च 2025 तक UPI लेनदेन की मात्रा 19.78 बिलियन थी, जिसका मूल्य ₹24.77 लाख करोड़ था।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में UPI लेनदेन का कुल मूल्य ₹260.56 लाख करोड़ तक पहुंच गया, जो 2019-20 के ₹21.3 लाख करोड़ से काफी अधिक है।
ACI वर्ल्डवाइड रिपोर्ट 2024 के अनुसार, भारत ने 2023 में वैश्विक रियल-टाइम डिजिटल लेनदेन का 49% हिस्सा लिया।
UPI की सुरक्षा और नए नियम
निष्क्रिय मोबाइल नंबर: 1 अप्रैल 2025 से, NPCI ने बैंकों और UPI ऐप्स को निर्देश दिया कि निष्क्रिय मोबाइल नंबरों को बैंक खातों से हटाया जाए, ताकि साइबर धोखाधड़ी कम हो।
साप्ताहिक अपडेट: बैंकों को हर हफ्ते डिलीट किए गए नंबरों का रिकॉर्ड अपडेट करना होगा।
UPI सर्कल: PhonePe ने UPI सर्कल शुरू किया, जिससे प्राथमिक उपयोगकर्ता अपने डिपेंडेंट्स (जैसे बच्चे या बुजुर्ग) के लिए भुगतान प्रबंधित कर सकते हैं।
UPI से संबंधित समस्याएं
सर्वर डाउन: 12 अप्रैल 2025 को UPI सेवाएं कुछ समय के लिए ठप हुईं, जिससे Google Pay, Paytm आदि पर लेनदेन विफल हुए।
साइबर फ्रॉड: NPCI ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जैसे सक्रिय मोबाइल नंबर का उपयोग अनिवार्य करना।
टैक्स से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (19 अप्रैल 2025)
UPI लेनदेन पर GST की अफवाहें खारिज
विवरण: 18 अप्रैल 2025 को वित्त मंत्रालय ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को “पूरी तरह झूठा और भ्रामक” बताया, जिनमें दावा किया गया था कि ₹2,000 से अधिक के UPI लेनदेन पर 18% GST लगाया जाएगा।
वित्त मंत्रालय का बयान:
वर्तमान में सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है।
मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) पर GST लागू होता है, लेकिन जनवरी 2020 से P2M UPI लेनदेन पर MDR हटा दिया गया है, इसलिए कोई GST लागू नहीं होता।
CBIC का स्पष्टीकरण: “UPI लेनदेन उपयोगकर्ताओं के लिए पूरी तरह टैक्स-मुक्त हैं, चाहे वह व्यक्तिगत हो या व्यावसायिक उपयोग के लिए।”
सोशल मीडिया पर भ्रम: X पर कुछ पोस्ट्स में गलत दावे किए गए कि ₹2,000 से अधिक के लेनदेन पर टैक्स लगेगा, लेकिन सरकारी बयानों ने इन्हें खारिज कर दिया।
GST कलेक्शन में वृद्धि
मार्च 2025 में GST कलेक्शन ₹1.77 लाख करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7.3% अधिक है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल GST कलेक्शन 8.6% बढ़कर ₹19.56 लाख करोड़ तक पहुंच गया।
घरेलू बिक्री से नेट टैक्स राजस्व मार्च में 9.3% बढ़कर ₹1.38 लाख करोड़ हो गया।
नए टैक्स नियम (1 अप्रैल 2025 से लागू)
आयकर छूट: नई कर व्यवस्था में ₹12 लाख तक की वार्षिक आय पर कोई कर नहीं। वेतनभोगियों के लिए ₹75,000 की मानक कटौती के साथ ₹12.75 लाख तक की आय कर-मुक्त।
TCS सीमा: विदेश यात्रा, निवेश, और अन्य बड़े लेनदेन पर टैक्स कलेक्शन एट सोर्स (TCS) की सीमा ₹7 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख की गई।
GST पोर्टल पर मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन: 1 अप्रैल 2025 से GST पोर्टल पर लॉगिन के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू।
निष्कर्ष
UPI भारत में डिजिटल भुगतान का एक क्रांतिकारी साधन है, जो सुविधाजनक, तेज, और सुरक्षित है। 19 अप्रैल 2025 तक, UPI लेनदेन पर कोई GST लागू नहीं है, और सरकार ने स्पष्ट किया है कि ₹2,000 से अधिक के लेनदेन पर टैक्स लगाने की कोई योजना नहीं है। उपयोगकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने बैंक खाते से सक्रिय मोबाइल नंबर लिंक रखें और NPCI के नए दिशानिर्देशों का पालन करें। किसी भी भ्रामक खबर से बचने के लिए आधिकारिक स्रोतों जैसे CBIC (
@cbic_india
) या वित्त मंत्रालय के बयानों पर भरोसा करें।



