गुड फ्राइडे (Good Friday) ईसाई धर्म में एक महत्वपूर्ण पवित्र दिन है, जो प्रभु यीशु मसीह (Jesus Christ) के क्रूस पर बलिदान और मृत्यु को स्मरण करने के लिए मनाया जाता है।

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राजेश लक्ष्मण गावड़े

मुख्य संपादक (जन कल्याण टाइम)

यह दिन ईस्टर संडे से पहले आने वाला शुक्रवार है और ईसाई धर्म के पवित्र सप्ताह (Holy Week) का हिस्सा है। गुड फ्राइडे का संबंध किसी हिंदू भगवान से नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से ईसाई धर्म के विश्वास और यीशु मसीह के जीवन से जुड़ा है।
नीचे गुड फ्राइडे का विस्तृत विवरण क्रमबद्ध तरीके से दिया गया है:

  1. गुड फ्राइडे का अर्थ और महत्व
    गुड फ्राइडे को “पवित्र शुक्रवार” या “शोक शुक्रवार” भी कहा जाता है।
    यह दिन यीशु मसीह के क्रूस पर चढ़ाए जाने, उनके दुखों और बलिदान को याद करने के लिए मनाया जाता है।
    “गुड” शब्द का अर्थ यहाँ पवित्रता और यीशु के बलिदान से मानवता के उद्धार से है, न कि सुखद घटना से।
    ईसाइयों के लिए यह दिन शोक, प्रायश्चित और प्रार्थना का दिन है, क्योंकि यीशु ने मानवता के पापों के लिए अपने प्राण त्याग दिए।
  2. गुड फ्राइडे का ऐतिहासिक और धार्मिक संदर्भ
    बाइबल के अनुसार, यीशु मसीह को रोमन गवर्नर पोंटियस पिलातुस के आदेश पर क्रूस पर चढ़ाया गया था।
    यह घटना लगभग 33 ईस्वी में यरूशलेम में हुई थी।
    यीशु पर यहूदी धार्मिक नेताओं द्वारा ईशनिंदा का आरोप लगाया गया था, क्योंकि उन्होंने स्वयं को ईश्वर का पुत्र कहा।
    गुड फ्राइडे की घटनाएँ बाइबल के न्यू टेस्टामेंट में वर्णित हैं, विशेष रूप से मैथ्यू, मार्क, ल्यूक और जॉन के सुसमाचारों में।
  3. गुड फ्राइडे की प्रमुख घटनाएँ
    गुड फ्राइडे के दिन यीशु के जीवन की निम्नलिखित घटनाएँ स्मरण की जाती हैं:
    यीशु का मुकदमा: यीशु को यहूदी संहेद्रिन (धार्मिक सभा) और रोमन गवर्नर पिलातुस के सामने पेश किया गया।
    कोड़े मारना और अपमान: यीशु को कोड़े मारे गए और काँटों का ताज पहनाकर उनका अपमान किया गया।
    क्रूस का मार्ग (Via Dolorosa): यीशु को क्रूस उठाकर गोलगोथा पहाड़ी तक ले जाया गया।
    क्रूस पर चढ़ना: यीशु को दो चोरों के साथ क्रूस पर कीलें ठोककर चढ़ाया गया।
    यीशु की मृत्यु: दोपहर 3 बजे के आसपास यीशु ने क्रूस पर अपने प्राण त्याग दिए।
  4. गुड फ्राइडे का धार्मिक महत्व
    पापों का प्रायश्चित: ईसाई मान्यता के अनुसार, यीशु ने क्रूस पर अपनी मृत्यु के द्वारा मानवता के पापों का प्रायश्चित किया।
    उद्धार का मार्ग: यीशु का बलिदान ईसाइयों के लिए अनंत जीवन और ईश्वर के साथ सामंजस्य का मार्ग प्रशस्त करता है।
    प्रेम और बलिदान का प्रतीक: यीशु का क्रूस मानवता के लिए उनके असीम प्रेम और बलिदान का प्रतीक है।
    यह दिन ईसाइयों को प्रार्थना, उपवास और अपने पापों के लिए पश्चाताप करने का अवसर देता है।
  5. गुड फ्राइडे के अनुष्ठान और परंपराएँ
    चर्च में प्रार्थना: इस दिन चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाएँ आयोजित की जाती हैं, जिनमें यीशु के दुखभोग (Passion of Christ) को पढ़ा जाता है।
    क्रूस का चिंतन: कई चर्चों में “Stations of the Cross” का अनुष्ठान किया जाता है, जिसमें यीशु के क्रूस के मार्ग की 14 घटनाओं का चिंतन किया जाता है।
    उपवास और मौन: ईसाई इस दिन उपवास रखते हैं और मौन रहकर यीशु के बलिदान को याद करते हैं।
    क्रूस की पूजा: कुछ चर्चों में क्रूस की विशेष पूजा की जाती है, जहाँ लोग क्रूस को चूमकर सम्मान प्रकट करते हैं।
    तीन घंटे की प्रार्थना: दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक विशेष प्रार्थना होती है, जो यीशु के क्रूस पर बिताए अंतिम घंटों का प्रतीक है।
  6. गुड फ्राइडे और भारतीय संदर्भ
    भारत में ईसाई समुदाय इस दिन को गंभीरता और श्रद्धा के साथ मनाता है।
    गोवा, केरल, तमिलनाडु, और पूर्वोत्तर राज्यों जैसे मिजोरम और नागालैंड में गुड फ्राइडे विशेष रूप से मनाया जाता है।
    कई जगहों पर जुलूस निकाले जाते हैं, जिनमें यीशु के क्रूस के मार्ग को दर्शाया जाता है।
    भारत में यह दिन राष्ट्रीय अवकाश भी है, जिससे सभी समुदाय के लोग इसकी महत्ता को समझ सकें।
  7. गुड फ्राइडे और अन्य धर्मों से तुलना
    गुड फ्राइडे का संबंध केवल ईसाई धर्म से है और इसका कोई हिंदू भगवान या अन्य धर्मों के देवताओं से सीधा संबंध नहीं है।
    हालाँकि, बलिदान और प्रायश्चित का विचार कई धर्मों में पाया जाता है। उदाहरण के लिए, हिंदू धर्म में भगवान राम या कृष्ण के त्याग और धर्म के लिए समर्पण को भी श्रद्धा के साथ देखा जाता है।
    फिर भी, गुड फ्राइडे की घटनाएँ और उनका महत्व विशिष्ट रूप से ईसाई धर्म से जुड़े हैं।
  8. गुड फ्राइडे का संदेश
    यह दिन प्रेम, क्षमा, और बलिदान का संदेश देता है।
    यीशु ने क्रूस पर अपने शत्रुओं के लिए भी क्षमा की प्रार्थना की, जो मानवता को क्षमा और प्रेम की शिक्षा देता है।
    यह दिन लोगों को अपने जीवन में नैतिकता, करुणा और दूसरों की सेवा के महत्व को समझने के लिए प्रेरित करता है।
    निष्कर्ष
    गुड फ्राइडे ईसाई धर्म का एक गहन और पवित्र दिन है, जो यीशु मसीह के क्रूस पर बलिदान को स्मरण करता है। यह दिन शोक और प्रायश्चित का है, लेकिन साथ ही यह ईसाइयों के लिए आशा का प्रतीक भी है, क्योंकि यीशु की मृत्यु के बाद उनका पुनरुत्थान (ईस्टर) होता है। यह किसी हिंदू भगवान से संबंधित नहीं है, बल्कि पूरी तरह से ईसाई विश्वास और यीशु के जीवन पर आधारित है। भारत में इसे श्रद्धा और गंभीरता के साथ मनाया जाता है, और यह सभी के लिए प्रेम, क्षमा और बलिदान का संदेश देता है।

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