Mumbai: दो महीने के ऑपरेशन में 300 करोड़ रुपये का मेफेड्रोन जब्त किया था। जिसके संबंध में मुंबई पुलिस ने एक और आरोपी को अपनी गिरफ्त में लिया है। पुलिस ने मामले की जानकारी शुक्रवार को दी। पुलिस के मुताबिक, पकड़ा गया आरोपी कथिर तौर पर प्रतिबंधित पदार्थ के निर्माण का फॉर्मूला और महाराष्ट्र में एक कारखान स्थापित करने में संलिप्त था।
पुलिस अधिकारी ने मामले की जानकारी देते हुए कहा, अब तक 18 लोगों को उनकी संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किया गया है। अधिकारी ने बताया कि साकी नाका पुलिस की एक टीम ने गुरुवार शाम हरीश पंत को पालघर जिले के वसई स्थित उसके आवास से गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के देहरादून के रहने वाले आरोपी ने कथित तौर पर बड़ी मात्रा में मेफेड्रोन के निर्माण का फार्मूला दिया था। अन्य आरोपी ललित पाटिल और उनके भाई भूषण पाटिल को कारखाना स्थापित करने में मदद की थी। अधिकारी ने कहा, हरीश पंत को अन्य आरोपियों के साथ शुक्रवार को एक अदालत में पेश किया गया। जिसके बाद अदालत ने आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेज दिया।
क्या है मामला?
दो महीने तक चले एक ऑपरेशन में पुलिस ने 300 करोड़ रुपये मूल्य का मेफेड्रोन जब्त किया, विभिन्न शहरों से कई लोगों को गिरफ्तार किया और 5 अक्तूबर को नासिक जिले के शिंदेगांव एमआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र में एक दवा निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया। उन्होंने कहा, आरोपी व्यक्तियों ने मालिक को यह बताकर कि वे एक कीटनाशक फैक्ट्री स्थापित करने जा रहे हैं। किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर एक विनिर्माण इकाई स्थापित करने के लिए जगह किराए पर ली थी। अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ चाकन एमआईडीसी पुणे ड्रग्स मामले में भी शामिल थे।
