नवसारी की काजल महला ने तीसरी बार फतह की हिमालय की चोटी, आदिवासी समुदाय में खुशी की लहर

नवसारी: नवसारी जिले के वांसदा तालुका के नवताड़ गांव की बेटी काजल महला ने अदम्य साहस और उत्कृष्ट कौशल का प्रदर्शन करते हुए लगातार तीसरी बार हिमालय की चोटियों पर विजय पताका फहराया है. काजल ने अपने साहसिक प्रयासों से पूरे आदिवासी समुदाय को गौरवान्वित किया है.

काजल महला की उपलब्धियाँ
काजल महला, वांसदा तालुका के नवताड़ गांव के मूलजीभाई महला की बेटी हैं. उन्होंने हिमालय ट्रेकर, हिमालयन सर्किट, नेशनल कैंप बीएमसी (बेसिक माउंटेनियरिंग कोर्स) और एएमसी (एडवांस्ड माउंटेनियरिंग कोर्स) जैसी चुनौतियों को पार किया. काजल ने भारत भर से चुनी गई एक विशेष टीम के साथ 1 अगस्त से 25 अगस्त तक हिमालय के लेह-लद्दाख की यात्रा की. इस यात्रा में उन्होंने लद्दाख के मेंटोक-कांगड़ी, जो अत्यंत दुर्गम और बर्फ से ढका हुआ है, पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की.

मेंटोक कांगड़ी पर चढ़ाई
मेंटोक कांगड़ी (6250 मीटर) पर चढ़ाई करना एक कठिन कार्य है, जिसे काजल ने सफलतापूर्वक पूरा किया. यह चोटी त्सो मोरीरी झील के पश्चिमी किनारे पर स्थित है और कोरज़ोक गांव से इस पर 3-4 दिनों में चढ़ाई की जा सकती है. शिखर से चामसेर और लंगसेर कांगड़ी, चांगथांग पठार और सुदूर तिब्बत के अद्भुत दृश्य दिखाई देते हैं. इस चढ़ाई के दौरान बेहतर अनुकूलन के लिए, रुम्त्से से त्सो मोरीरी ट्रेक, हेमिस से त्सो मोरीरी ट्रेक या ज़ांस्कर से त्सो मोरीरी ट्रेक का संयोजन सबसे अच्छा माना जाता है.

खेलमहाकुंभ-2024 में उत्कृष्ट प्रदर्शन
काजल महला ने खेल एवं युवा सांस्कृतिक गतिविधि विभाग की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता, खेलमहाकुंभ-2024, में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. उन्होंने स्पीड क्लाइंबिंग, लेड क्लाइंबिंग और बोल्डर क्लाइंबिंग जैसी 3 प्रकार की खेलों में स्वर्ण पदक और रजत पदक जीते हैं.

काजल की यह उपलब्धियाँ न केवल उनके व्यक्तिगत साहस और समर्पण का परिणाम हैं, बल्कि यह आदिवासी समुदाय के लिए भी एक प्रेरणा स्रोत हैं. उनके साहसिक कार्यों और माउंटेनियरिंग में उनकी सफलता ने उन्हें एक आदर्श और प्रेरणादायक व्यक्तित्व बना दिया है.

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