दिल्ली कोचिंग हादसा; संसद में ‘जिम्मेदार आप.. जिम्मेदार आप ‘ के लगे नारे

नई दिल्ली। दिल्ली में जलभराव से कोचिंग में तीन छात्रों की मौत का मामला संसद के दोनों सदनों में गूंजा। राज्यसभा में कार्य स्थगन प्रस्ताव लाकर इस पर अल्पकालिक चर्चा कराई गई तो लोकसभा में शून्यकाल में इसे उठाया गया। छात्र-छात्राओं की मुत्यु पर दुख तो सभी ने जताया, लेकिन जब जिम्मेदारी पर बात आई तो बजबजाते नालों और गंदे जलभराव में भी दलीय निष्ठा की धारा साफ दिखाई दी।

भाजपा ने कुछ शिकायतों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के स्थानीय विधायक सहित अधिकारियों ने शिकायतों का संज्ञान नहीं लिया। नालों की सफाई नहीं कराई गई, जिसकी वजह से घटना हुई। वहीं, आम आदमी पार्टी ने तर्क दिया कि अधिकारी उपराज्यपाल के प्रभाव में हैं, सरकार के मंत्रियों के कहने पर भी नाला सफाई नहीं कराई। वहीं, कांग्रेस बहुत सधे अंदाज में चर्चा करती नजर आई। जलभराव के लिए किसी को जिम्मेदार ठहराने की बजाए बढ़ते को¨चग कल्चर पर घटना का ठीकरा फोड़ने का प्रयास किया।

‘सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगी’
राज्यसभा में कार्य स्थगन के लिए नोटिस देने वालों में भाजपा सदस्यों के साथ ही आम आदमी पार्टी की सांसद स्वाति मालीवाल भी शामिल थीं। सभापति जगदीप धनखड़ ने इसे स्वीकार किया। चर्चा की शुरुआत भाजपा की ओर से सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने की। कहा कि तीन छात्रों की मृत्यु हो गई, लेकिन जिम्मेदारों की आंखों में आंसू क्या, माथे पर शिकन तक नहीं है। उन्होंने कहा कि 26 जून से 22 जुलाई तक शिकायतें और रिमाइंडर दिए गए कि उक्त कोचिंग संस्थान की लाइब्रेरी अवैध रूप से बेसमेंट में चल रही है। घटना हो सकती है, लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। शिकायतों के इस क्रम के बीच नौ जुलाई को इमारत को फायर की एनओसी दे दी गई।

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