लाओस में भारतीय नागरिकों की तस्करी का उठा मुद्दा, जयशंकर की गंभीरता का दिखा तत्काल असर

वियनतियाने: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर लाओस के यात्रा पर हैं। उन्होंने शनिवार को लाओस के प्रधानमंत्री सोनेक्सी सिपांडोन से मुलाकात की और इस दक्षिण-पूर्व एशियाई देश में भारतीय नागरिकों की तस्करी का मुद्दा गंभीतरता उठाया, जिसका असर भी देखने को मिला। इसके अलावा दोनों नेताओं ने रक्षा और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में विकास साझेदारी और सहयोग पर भी चर्चा की। जयशंकर दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन (ASEAN) की बैठकों में शामिल होने के लिए लाओस पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक की राजधानी वियनतियाने में हैं। उन्होंने बैठक में हिस्सा ले रहे अन्य विदेश मंत्रियों के साथ ही सिपांडोन से मुलाकात की।
इन मुद्दों पर हुई चर्चा
जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि लाओस पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक के प्रधानमंत्री सोनेक्सी सिपांडोन से मुलाकात कर खुशी हुई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से उनका अभिनंदन किया। रक्षा, विरासत संरक्षण, ऊर्जा, डिजिटल और क्षमता निर्माण में हमारी विकास साझेदारी तथा सहयोग पर चर्चा की। जयशंकर ने कहा कि वह साझा सभ्यागत जुड़ाव में गहरायी से निहित घनिष्ठ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए सिफांडोन के मार्गदर्शन को महत्व देते हैं।
13 भारतीयों को छुड़ाया गया
विदेश मंत्री ने कहा कि लाओस पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक के प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान मैंने साइबर ठगी केंद्रों के माध्यम से भारतीय नागरिकों की तस्करी का मुद्दा उठाया। हमारे नागरिकों को छुड़ाने और राहत प्रदान करने में लाओस सरकार से मिल रहे सहयोग की सराहना करता हूं। जयशंकर ने कंबोडिया और थाइलैंड के विदेश मंत्रियों से इस मामले पर चर्चा की। लाओस स्थित भारतीय दूतावास ने रविवार को कहा था कि लाओस में 13 भारतीयों को छुड़ाकर वापस उनके घर भेजा गया है।
साइबर ठगी का होते हैं शिकार
इन भारतीयों को कुछ साइबर ठगी केंद्रों में काम करने का लालच दिया गया था। अभी तक दूतावास ने 518 भारतीय को बचाया है। दूतावास ने भारतीयों को नौकरी दिलाने का झूठा झांसा देने वालों के खिलाफ आगाह करते हुए एक परामर्श जारी किया है। जयशंकर ने बैठक के दौरान आसियान और पूर्व एशिया शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता के लिए लाओस को भारत की ओर से पूर्ण समर्थन भी दिया।

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