📰✨ जन कल्याण टाइम्स न्यूज़ – विशेष मानवता की मिसाल ✨📰🌟 “Voice For Change” – विस्पी बाजी कसाद की प्रेरणादायक पहल 🌟📍 नवसारी, गुजरात (माणेकपोर गांव)जन कल्याण टाइम्स न्यूज़, मुंबई के माध्यम से एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जो न केवल दिल को छू जाती है, बल्कि समाज को जागरूक करने का संदेश भी देती है।
“Voice For Change” के तहत समाजसेवी विस्पी बाजी कसाद—जो भारत के लिए 7 बार Guinness World Records धारक हैं, America’s Got Talent (2017) और India’s Got Talent (2026) में अपनी पहचान बना चुके हैं—आज मानवता की एक अनोखी मिसाल पेश कर रहे हैं।
वे Election Commission of India द्वारा नियुक्त Ex State Icon (Gujarat) रह चुके हैं तथा Gujarat State Road Safety Authority के पूर्व ब्रांड एम्बेसडर भी हैं। 52 वर्ष की आयु में भी वे एक फिटनेस प्रेमी और मार्शल आर्टिस्ट हैं, लेकिन उनकी असली पहचान है—मानव सेवा का जज़्बा। 👦👦 दो मासूम बच्चों की दर्दभरी कहानी
📍 गांव: माणेकपोर | जिला: नवसारी | राज्य: गुजरात
यह कहानी है तेजस (कक्षा 7) और प्रकाश (कक्षा 4) की— दोनों मासूम बच्चे अपनी मां के बिना जीवन जी रहे हैं। उनके पिता गंभीर रूप से बीमार हैं और घर की हालत बेहद खराब है।
बड़ा बेटा तेजस खुद खाना बनाता है
अपने छोटे भाई प्रकाश और बीमार पिता का ख्याल रखता है
कई बार घर में राशन न होने के कारण दोनों बच्चे भूखे सो जाते हैं
इसके बावजूद वे खुद खाना बनाकर स्कूल जाते हैं 👉 जब बचपन में ही बच्चों को भूख से लड़ते हुए जिम्मेदारियां उठानी पड़ें, तो यह पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है।
🤝 विस्पी कसाद की संवेदनशील पहल गांव से लगातार मिल रही सूचनाओं के बाद, विस्पी कसाद स्वयं वहां पहुंचे। उन्होंने देखा कि घर में खाने का एक दाना भी नहीं था। तेजस ने झूठ बोलकर कहा कि उन्होंने खाना खा लिया है लेकिन छोटे भाई प्रकाश ने सच्चाई बताई—“सर, हम भूखे हैं…” 💔 यह सुनते ही विस्पी जी का दिल पसीज गया 👉 उन्होंने तुरंत एक महीने का राशन उपलब्ध कराया 👉 और पूरे साल तक भोजन कराने का संकल्प लिया 📱 सोशल मीडिया से मिली जनसमर्थन की ताकत जब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर डाला गया— मात्र 1 दिन में 1.4 मिलियन (14 लाख) व्यूज़ देश-विदेश से मदद के लिए लोग आगे आए 🙏 परिणामस्वरूप: पूरे साल के खाने का प्रबंध हो गया कपड़े, स्कूल बैग, किताबें, सैंडल लंच बॉक्स और पानी की बोतल तक के स्पॉन्सर्स मिल गए 🏠 अब अगला लक्ष्य – घर की छत बनाना
विस्पी कसाद अब इन बच्चों के लिए घर की छत बनवाने का संकल्प भी ले चुके हैं। उन्हें पूरा विश्वास है कि जैसे पहले मदद मिली, वैसे ही आगे भी समाज उनका साथ देगा। ❤️ मानवता के पीछे की कहानी
विस्पी कसाद खुद भी बेहद कठिन परिस्थितियों में पले-बढ़े हैं: उनके पिता एक रिक्शा चालक थे दो वक्त का खाना भी मुश्किल से मिलता था बचपन होस्टल में बीता दूसरों के कपड़े पहनकर बड़े हुए 👉 इसलिए वे कहते हैं: “मैं किसी को भी भूखा या बिना कपड़ों के नहीं देख सकता…”
🙏 विस्पी कसाद का संकल्प और संदेश
“जब तक मैं इस धरती पर जीवित हूं और मेरे हाथ-पांव सलामत हैं, तब तक मैं बेसहारा लोगों की मदद करता रहूंगा।” वे विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों को भूखा नहीं सोने देना चाहते। यह सेवा वे किसी दिखावे के लिए नहीं, बल्कि अपनी आत्मिक खुशी के लिए करते हैं।
🤝 विशेष धन्यवाद इस नेक कार्य के लिए धर्मेश भाई का विशेष आभार, जिन्होंने विस्पी कसाद को इन बच्चों से मिलवाया। 🌍 समाज से अपील विस्पी कसाद सभी से प्रार्थना करते हैं:
“जैसे आपने अब तक मेरा साथ दिया है, वैसे ही आगे भी देते रहें… ताकि कोई भी बच्चा भूखा न सोए।”
📰 प्रस्तुति ✍️ राजेश लक्ष्मण गावड़े Editor in Chief जन कल्याण टाइम्स न्यूज़, मुंबई