
आज के डिजिटल युग में जहाँ साइबर अपराध लगातार बढ़ते जा रहे हैं, वहीं मुंबई पुलिस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अगर इरादे नेक हों और कर्तव्यनिष्ठा सर्वोपरि हो, तो असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।
मुंबई निवासी अब्दुल हाफ़िज़ बलवा साइबर फ्रॉड का शिकार हो गए थे, जिसमें उनकी मेहनत की कमाई कुछ ही पलों में ठगों द्वारा हड़प ली गई। यह घटना किसी भी आम नागरिक को तोड़ देने के लिए काफ़ी थी, लेकिन मुंबई पुलिस की साइबर टीम ने जिस तत्परता, सूझ-बूझ और तकनीकी दक्षता का परिचय दिया, वह काबिले-तारीफ है।
साइबर टीम की सतर्कता से हुआ बड़ा खुलासा
मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की गई।
इस पूरे ऑपरेशन में जिन पुलिस अधिकारियों ने अहम भूमिका निभाई, वे हैं—
PI संजय चव्हाण
PSI शरद देओरे
ASI अशोक कोंडे
PC विक्रम सारनोबत
साइबर टीम, मुंबई पुलिस

इन सभी अधिकारियों ने मिलकर न केवल साइबर फ्रॉड को समय रहते इंस्टॉल / इंटरसेप्ट (रोक) किया, बल्कि अपनी मेहनत, तकनीकी कौशल और अनुभव से पीड़ित के पूरे पैसे सुरक्षित वापस दिलवाए।
अधिकारियों के अथक प्रयास से मिला न्याय
यह कोई साधारण कार्रवाई नहीं थी। साइबर अपराधियों के जाल को तोड़ना, डिजिटल ट्रांजैक्शन का ट्रैक निकालना और रकम को सुरक्षित रिकवर करना—यह सब मुंबई पुलिस की दक्षता और प्रोफेशनलिज़्म को दर्शाता है।
दिल से धन्यवाद और सलाम
इस सराहनीय कार्य के लिए अब्दुल हाफ़िज़ बलवा ने Jan Kalyan Time News Mumbai के माध्यम से सभी पुलिस अधिकारियों का दिल से, तहे-दिल से आभार व्यक्त किया है।
साथ ही उन्होंने Jan Kalyan Time News Mumbai के
Editor-in-Chief – श्री राजेश लक्ष्मण गवाड़े जी का भी विशेष धन्यवाद किया, जिन्होंने इस सच्ची और प्रेरणादायक कहानी को जनता तक पहुँचाने का माध्यम बनाया।
मुंबई पुलिस को नमन
मुंबई पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि
“मुंबई पुलिस सिर्फ कानून की रक्षक नहीं, बल्कि आम नागरिक की उम्मीद और भरोसे की सबसे मजबूत दीवार है।”
ऐसे जांबाज़, ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारियों को जनता का सलाम।
मुंबई पुलिस को कोटि-कोटि नमन और बहुत-बहुत धन्यवाद।
✍️ प्रस्तुति:

जन कल्याण टाइम न्यूज़ | मुंबई
रिपोर्ट:

धनंजय राजेश गवाड़े
(प्रेस फ़ोटोग्राफ़र, जन कल्याण टाइम न्यूज़)

