
प्रिय देशवासियों,
नमस्कार।
मैं, राजेश भट्ट, मुंबई की उस धरती से आपसे संवाद कर रहा हूँ जहाँ सपने जन्म लेते हैं, संघर्ष आकार पाते हैं और हौसले इतिहास रचते हैं।
आज मैं किसी फ़िल्म की कहानी नहीं सुना रहा —
आज मैं आपकी ज़िंदगी की कहानी की बात कर रहा हूँ।
आज का भारत केवल भीड़ नहीं है,
आज का भारत सोचता है, सवाल करता है और आगे बढ़ता है।
हम एक ऐसे दौर में खड़े हैं जहाँ
👉 शिकायत करने से ज़्यादा ज़रूरी है — समाधान बनना।
🌱 युवा शक्ति से मेरा संवाद

मेरे युवा साथियो,
आप वो पीढ़ी हैं जिसे इंतज़ार करना नहीं आता —
आप वो पीढ़ी हैं जो रास्ते खुद बनाती है।
आज शॉर्टकट नहीं चलेंगे,
आज नाम नहीं — काम बोलेगा।
डिग्री नहीं — काबिलियत पहचानी जाएगी।
अगर हालात मुश्किल हैं,
तो समझ लीजिए —
आप किसी साधारण कहानी के किरदार नहीं हैं।
🔥 संघर्ष से मत घबराइए

याद रखिए,
संघर्ष वो आग है
जो इंसान को जलाती नहीं —
निखारती है।
जिस दिन आपने हालात को दोष देना छोड़ दिया,
उसी दिन आपकी ज़िंदगी की स्क्रिप्ट बदलने लगेगी।
🇮🇳 समाज और देश के लिए संदेश

देश तभी आगे बढ़ता है
जब आम इंसान अपने भीतर
जिम्मेदारी महसूस करता है।
ईमानदारी कोई बोझ नहीं —
ये सबसे बड़ी ताक़त है।
संवेदनशीलता कमजोरी नहीं —
ये इंसानियत की पहचान है।
🎬 मेरी कलम का आख़िरी संवाद

अगर आप आज अकेले हैं —
तो घबराइए मत,
हर बड़ा सफ़र अकेले ही शुरू होता है।
अगर लोग आप पर हँसते हैं —
तो मुस्कुरा दीजिए,
क्योंकि एक दिन
वही तालियाँ बजाएँगे।
🌟 संदेश का सार

खुद पर भरोसा रखिए,
मेहनत को आदत बनाइए,
और सपनों को ज़िद।
क्योंकि भारत का भविष्य
आपके आज के फैसलों से लिखा जा रहा है।

जन कल्याण टाइम न्यूज़, मुंबई
जन-जन की आवाज़, सच के साथ…
प्रस्तुति:

धनंजय राजेश गवाड़े
(प्रेस फ़ोटोग्राफ़र)

