
गोवा में चल रहे प्रमुख सड़क निर्माण और विकास कार्यों ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को काफी परेशान किया है। खासतौर पर मुंबई-गोवा हाईवे (एनएच-66) का चौड़ीकरण और अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर काम चल रहा है, जिसके कारण हर जगह डायवर्शन लगाए गए हैं, खुदाई का काम जोरों पर है और ट्रैफिक जाम की समस्या आम हो गई है।
पर्यटक, जो गोवा की खूबसूरती और सुकून का आनंद लेने आते हैं, इन सड़क निर्माणों से बेहद त्रस्त हैं। जन कल्याण टाइम की इस विशेष रिपोर्ट में हम इन परियोजनाओं के पूरे विवरण, अनुबंध की अवधि, समापन तिथि, शामिल कंपनियों और आम लोगों पर पड़ रहे प्रभाव पर विस्तार से चर्चा कर रहे हैं।
यह रिपोर्ट गोवा की प्रमुख सड़क विकास परियोजनाओं—
एनएच-66 (मुंबई-गोवा हाईवे), एनएच-748 (भोमा–ओल्ड गोवा सेक्शन) और गोवा रिंग रोड—पर आधारित है।
🛣️ मुंबई–गोवा हाईवे (एनएच-66): सबसे बड़ा और विवादास्पद प्रोजेक्ट
गोवा का सबसे प्रमुख सड़क विकास कार्य मुंबई–गोवा हाईवे का चौड़ीकरण है, जिसे एनएच-66 कहा जाता है। यह हाईवे पनवेल (मुंबई) से शुरू होकर पोलम (दक्षिण गोवा) तक 466 किलोमीटर लंबा है। यह कोंकण तट के साथ-साथ चलता है और महाराष्ट्र से गोवा को जोड़ता है।
इस हाईवे का निर्माण वर्ष 2011 में शुरू हुआ था, लेकिन भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय मंजूरी, जंगल क्षेत्रों में बाधाएं और ठेकेदारों की लापरवाही के कारण इसमें बार-बार देरी हुई। लागत भी मूल अनुमान 3,500 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 7,300 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
⏳ अनुबंध की अवधि और समयसीमा
यह प्रोजेक्ट 11 पैकेजों में बंटा है। कुल मिलाकर यह 15 साल का प्रोजेक्ट (2011–2026) बन चुका है।
पहले समयसीमा: दिसंबर 2024 और जून 2025
नई अंतिम समयसीमा: मार्च 2026 (महाराष्ट्र सरकार और एनएचएआई द्वारा घोषित)
अब तक 95% से अधिक काम पूरा हो चुका है, लेकिन पनवेल–इंदापुर (84 किमी) सेक्शन में फ्लाईओवर और बायपास का काम अभी भी बाकी है।
✅ समापन और चालू होने की तिथि
निर्माण कार्य मार्च 2026 तक चलेगा और हाईवे अप्रैल 2026 से पूरी तरह चालू होने की उम्मीद है।
पूरा होने पर मुंबई से गोवा का सफर 10–12 घंटे से घटकर 5–6 घंटे में सिमट जाएगा।
🏗️ कंपनी और ठेकेदार
यह प्रोजेक्ट नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अधीन है।
विभिन्न पैकेजों में अलग-अलग भारतीय कंपनियां शामिल
प्रमुख नाम: कल्यान टोल इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड, एसएस बिल्डर्स
कोई विदेशी कंपनी शामिल नहीं

एलएंडटी (L&T) का इस प्रोजेक्ट में प्रत्यक्ष उल्लेख नहीं
🚦 ट्रैफिक और पर्यटकों की परेशानी
निर्माण के कारण हर जगह डायवर्शन लगे हैं।
भटपावनी जंक्शन से नाइबाग जंक्शन तक एनएच-66 पर
21 जनवरी 2026 से 1 जून 2026 तक अस्थायी डायवर्शन
लांजा, निवाली, पाली, संगमेश्वर, इंदापुर और मंगांव में भारी जाम
पॉटहोल्स, आंशिक बंद सड़कें और डायवर्शन से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में घंटों लग रहे हैं, जिससे पर्यटन उद्योग पर भी नकारात्मक असर पड़ा है।
🛤️ एनएच-748 (भोमा–ओल्ड गोवा सेक्शन): नया लेकिन विवादास्पद प्रोजेक्ट
एनएच-748 (पहले एनएच-4ए) का चौड़ीकरण भोमा से ओल्ड गोवा तक 7 किमी में किया जा रहा है। यह कर्नाटक के बेलगाम से गोवा के पणजी को जोड़ता है।
अप्रैल 2025 में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसके लिए 1,060.21 करोड़ रुपये की मंजूरी दी।
⏳ अनुबंध और समयसीमा
पोंडा–भोमा सेक्शन का ठेका जीत एशिया प्राइवेट लिमिटेड को
शुरुआत: 1 अगस्त 2024
अनुमानित अवधि: 3–4 साल
पूर्णता की संभावना: 2026–2027
🏗️ निर्माण की विशेषताएं
भोमा, कोर्लिम और एला में भीड़ कम करने के लिए
दो एलिवेटेड कॉरिडोर (4.275 किमी) प्रस्तावित
🚧 ट्रैफिक असर
पणजी–खंडेपर कॉरिडोर पर भारी असर पड़ा है।
पर्यटकों को ओल्ड गोवा की ऐतिहासिक धरोहरों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है।
🛑 गोवा रिंग रोड: फिलहाल रुका हुआ प्रोजेक्ट
लगभग 150 अरब रुपये की लागत वाला गोवा रिंग रोड प्रोजेक्ट दिसंबर 2022 में मंजूर हुआ था, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे फिलहाल रोक दिया है।
कारण:
पहले 2016 से चल रहे 40 किमी हाईवे विस्तार कार्य को पूरा करना जरूरी है।
कुनकोलिम, कैनाकोना, भोमा और पोंडा में काम अभी अधूरा है।
कोई ठेका या कंपनी अभी आवंटित नहीं
संभावित समीक्षा: 2030 तक
यह रिंग रोड भारी वाहनों के लिए बाहरी गलियारा बनाकर ट्रैफिक कम कर सकती है, लेकिन देरी से फिलहाल परेशानी बढ़ी हुई है।
👉🏾 कुल प्रभाव और जन कल्याण टाइम की राय

ये सभी प्रोजेक्ट गोवा के दीर्घकालीन विकास के लिए जरूरी हैं, लेकिन वर्तमान में डायवर्शन, धूल, शोर और ट्रैफिक जाम ने आम जनजीवन और पर्यटन दोनों को प्रभावित किया है।
पर्यटकों का कहना है कि “गोवा का सफर अब सुकून नहीं, दुःस्वप्न बनता जा रहा है।”
सरकार और संबंधित एजेंसियों को चाहिए कि:
निर्माण कार्य में तेजी लाएं
सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन मजबूत करें
पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों के लिए वैकल्पिक मार्गों की बेहतर व्यवस्था करें
जन कल्याण टाइम की टीम ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया, तस्वीरें लीं और आम लोगों से बातचीत की। हर जगह एक ही शिकायत—जाम, धूल और देरी।
उम्मीद है कि मार्च 2026 तक एनएच-66 के पूरा होने से गोवा को बड़ी राहत मिलेगी।

📄 रिपोर्ट: क्रिश्नकांत एकनाथ पायाजी

जन कल्याण टाइम न्यूज़ | गोवा ब्यूरो
(स्रोत: एनएचएआई, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय, स्थानीय सर्वे और अपडेट्स)

