
प्रिय दर्शकों,
आज मैं आप सभी के सामने एक गहरी और सच्ची बात रखना चाहता हूँ, जो हमारे जीवन की हकीकत को दर्शाती है।

चित्र में लिखा है:
“गलत लोग गलत करके भी शर्मिंदा नहीं होते,
सही लोग केवल इल्ज़ाम से ही टूट जाते हैं।”
यह केवल एक पंक्ति नहीं, बल्कि समाज का आईना है।
हम अक्सर देखते हैं कि जो लोग गलत काम करते हैं, वे बिना पछतावे के आगे बढ़ जाते हैं। उनके चेहरे पर शिकन तक नहीं होती। उन्हें न तो अपने कर्मों पर शर्म आती है और न ही दूसरों की भावनाओं की परवाह होती है।
लेकिन दूसरी ओर, जो लोग सच्चे, ईमानदार और संवेदनशील होते हैं — वे मात्र एक झूठे इल्ज़ाम से ही अंदर तक हिल जाते हैं। उनका दिल साफ होता है, इसलिए उन पर लगा छोटा सा दाग भी उन्हें बेचैन कर देता है।
यही अंतर है सही और गलत इंसान में।

गलत इंसान का दिल पत्थर का होता है,
और सही इंसान का दिल आईने जैसा —
जिस पर जरा सी खरोंच भी साफ दिखाई देती है।
प्रिय साथियों,
अगर आप सच्चे हैं और कभी किसी ने आप पर झूठा आरोप लगाया है, तो टूटिए मत। याद रखिए —
👉 सच्चाई को कभी किसी प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती,
👉 समय सबसे बड़ा न्यायाधीश है,
👉 और ईश्वर सब देख रहा है।
जब आप सही रास्ते पर चलते हैं, तो परीक्षा जरूर होती है। कभी लोग समझते नहीं, कभी परिस्थितियाँ साथ नहीं देतीं, और कभी अपनों से ही चोट मिलती है।

लेकिन इतिहास गवाह है —
जो लोग सच्चाई और ईमानदारी पर अडिग रहे, अंततः वही सम्मानित हुए।
इसलिए अगर आज आप इल्ज़ाम से टूट रहे हैं, तो अपने आत्मविश्वास को संभालिए। अपने कर्मों पर भरोसा रखिए।
गलत लोग शोर मचाते हैं,
सही लोग इतिहास बनाते हैं।
अपनी अच्छाई को कमजोरी मत समझिए। आपकी संवेदनशीलता ही आपकी ताकत है।
आइए, हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों —
हम सच्चाई, ईमानदारी और आत्मसम्मान का रास्ता नहीं छोड़ेंगे।
आपका आत्मबल ही आपकी असली पहचान है।
इसी सकारात्मक सोच के साथ,
यह संदेश जन जन तक पहुँचाने का हमारा प्रयास है।
धन्यवाद।

जन कल्याण टाइम न्यूज़, मुंबई
सच्चाई की आवाज़, समाज के साथ

