Close Menu
    What's Hot

    ग्वालियर: भाई के दोस्त ने किया नाबालिग लड़की से रेप, सदमे में मां ने फांसी लगाकर दी जान

    February 6, 2026

    EC से SC तक… ममता बनर्जी की फ्रंटलाइन पॉलिटिक्स, हर मोर्चा पर लड़ने का फॉर्मूला

    February 6, 2026

    पति जहीर-बेटे संग सागरिका ने मंदिर में टेका माथा, दरगाह गईं

    February 6, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    jankalyan time
    Facebook X (Twitter) Instagram
    jankalyan time
    Home»Politics»EC से SC तक… ममता बनर्जी की फ्रंटलाइन पॉलिटिक्स, हर मोर्चा पर लड़ने का फॉर्मूला
    Politics

    EC से SC तक… ममता बनर्जी की फ्रंटलाइन पॉलिटिक्स, हर मोर्चा पर लड़ने का फॉर्मूला

    जनकल्याण टाइमBy जनकल्याण टाइमFebruary 6, 2026Updated:February 6, 2026No Comments6 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram Copy Link
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Copy Link

    एसआईआर के मुद्दे को लेकर ममता बनर्जी सड़क से सुप्रीम कोर्ट तक फ्रंटफुट पर उतरकर लड़ती नजर आ रही हैं. ममता बनर्जी हर राजनीतिक लड़ाई को सड़क पर ले जाकर लड़ती हैं, क्योंकि उन्होंने संघर्ष के जरिए सियासी बुलंदी हासिल की है. ममता का यह सबसे बड़ा हथियार है, जिसे फिर से आजमाना शुरू कर दिया है.

    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की सियासी सरगर्मी के बीच एसआईआर की लड़ाई के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता के बजाय को दिल्ली के सियासी मैदान को चुना है. ममता बनर्जी चार दिनों से दिल्ली में कैंप कर रखा है. इलेक्शन कमीशन (EC) से लेकर सुप्रीम कोर्ट (SC) तक ममता बनर्जी फ्रंट फुट पर उतरकर बीजेपी और चुनाव आयोग के खिलाफ आक्रामक तरीके से मोर्चा खोल रखा है.

    ममत बनर्जी ने सबसे पहले सोमवार को दिल्ली में इलेक्शन कमीशन के मुख्यालय पहुंच कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात करती हैं. एसआईआर पर अपनी आपत्ती दर्ज कराती हैं. इसके बाद ममता बनर्जी चुनाव आयोग पर पर तीखे हमले किए, उन्होंने ‘घमंडी’ बताया और उन पर बीजेपी के इशारे पर पश्चिम बंगाल को निशाना बनाने जैसे आरोप लगाए.

    वहीं, अब एसआईआर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी खुद अदालत में उपस्थित हैं. ममता बनर्जी हर राजनीतिक लड़ाई को सड़कों पर ले जाने में विश्वास रखती हैं. ऐसे में चाहे ईडी, सीबीआई का मामला रहा हो या फिर अब एसआईआर का मुद्दा ममता बनर्जी ने सड़क से सुप्रीम कोर्ट तक लड़ती दिख रही हैं. ऐसे में देखना है कि ममता बनर्जी का यह तेवर क्या सियासी गुल खिलाता है?

    ममता बनर्जी की दिल्ली पॉलिटिक्स

    पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग ने एसआईआर की प्रक्रिया शुरू की थी, जिसे लेकर ममता बनर्जी शुरू से ही आक्रमक हैं. एसआईआर में बंगाल के 58 लाख मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं. ऐसे में ममता बनर्जी ने एसआईआर के मुद्दे को कोलकाता से दिल्ली की सड़क तक ले आईं है. इतना ही नहीं ममता बनर्जी अपने पूरे लाव-लश्कर के साथ दिल्ली में कैंप कर रखा है.

    बंगाल में एसआईआर सर्वेक्षण के लिए चुनाव आयोग के द्वारा नियुक्त किए गए 126 ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के परिवार के सदस्यों की पूरी फौज के साथ दिल्ली में पहुंची हैं. पांच उन बीएलओं के परिवार के सदस्य, जिन्होंने आत्म हत्या कर ली थी या फिर काम के दबाब सहन न कर पाने के कारण मानसिक रूप से टुट गए थे. इसके अलावा पांच ऐसे लोग हैं, जिनके नाम नहीं शामिल किए गए. ममता बनर्जी ने पीड़ित परिवार के साथ सड़क पर उतरकर अपनी आवाज उठाई.

    संसद सत्र के बीच ममता बनर्जी ने दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलाकर अपनी अपत्ति दर्ज कराई और उसके बाद चुनाव आयोग पर जमकर हमले किए. इस तरह जनता पूरा ध्यान आकर्षित करने के लिए एसआईआर पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में खुद उपस्थित हैं. इस तरह दिल्ली में सड़क से सुप्रीम कोर्ट तक ममता बनर्जी राजनीतिक सुर्खियों के केंद्र में बनी हुई हैं.

    ममता बनर्जी की सड़क पॉलिटिक्स

    ममता बनर्जी हर राजनीतिक लड़ाई को सड़कों पर ले जाने में विश्वास रखती हैं, जिससे जनता की शक्ति का प्रदर्शन होता है. यही अंदाज उन्हें जन नेता के रूप में लोक प्रिय बनाता है. सड़क पर संघर्ष करना उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है और वे इसका भरपूर आनंद लेती हैं. नंदीग्राम और सिंगूर में राजनीतिक उपलब्धि को न सिर्फ भांपा बल्कि सड़क पर उतरकर सत्ता के सिंहासन तक पहुंची है.

    ममता बनर्जी ने 2007-08 के नंदीग्राम और सिंगूर आंदोलनों में वामपंथी सरकार के खिलाफ जमीनी संघर्ष, अदम्य साहस और जनता से सीधे जुड़ाव के माध्यम से ‘लेडी ऐरन’ (लौह महिला) की छवि बनाई. उन्होंने 2011 में साढ़े तीन दशक के मजबूत लेफ्ट को दुर्ग को ध्वस्त कर दिया.

    सड़क की सियासत को ममता बनर्जी बाखूबी समझती है और उसके जरिए अपनी राजनीति को हमेंशा आगे बढ़ाती रही है. चुनाव आयोग के एसआईआर फैसले के खिलाफ लड़ाई को आगे बढ़ाने की उनकी यही योजना है. वे इसे टीएमस के लिए सियासी फायदे में तब्दील करना चाहती हैं ताकि बंगाल में चौथी बार मुख्यमंत्री की कुर्सी हासिल कर सकें

    पिछले दिनों ईडी कोलकाता में I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पहुंचीं थी, ठीक उसी समय ममता बनर्जी पहुंच जाती हैं. इसके बाद वह लगभग चार घंटे तक धरने पर बैठीं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह निशाने पर लेते हुए कहा था कि ED बीजेपी के इशारे पर उनकी पार्टी की चुनावी तैयारियों के बारे में गोपनीय जानकारी और डेटा चुराने के लिए काम कर रही है. पिछले दस सालों केंद्रिय जांच एजेंसियों के द्वारा जब-जब छापे मारी गई तो ममता बनर्जी सड़क पर उतरकर संघर्ष करती नजर आईं हैं.

    2021 में ‘खेला होबे’ से गेम बदल दिया था

    बंगाल में 2021 विधानसभा चुनाव ममता बनर्जी के लिए सबसे मुश्किल चुनाव माना जा रहा था, जब टीएमसी के तमाम दिग्गज नेताओं ने पार्टी छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिए थे. ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों के सियासी चक्रव्यूह के बीच बंगाल का चुनाव हुआ था. चुनाव प्रचार में ममता बनर्जी ममता ने व्हीलचेयर पर बैठक कर फुटबाल

    ममता बनर्जी के पैर पर चढ़े प्लास्टर की तस्वीर वायरल हो गई और खेला होबे वाले नारे ने सारा गेम ही बदल दिया था. ममता बनर्जी 2021 में तीसरी बार बंगाल की मुख्यमंत्री बनने में कामयाब रही थी. लेफ्ट और कांग्रेस का पूरी तरह सफाया हो गया था. बीजेपी 100 का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकी थी. अब फिर से एक बार ममता और बीजेपी के बीच शह-मात का खेल शुरू हो गया है.

    स्ट्रीट फाइटर से फ्रंटलाइन पॉलिटिक्स

    2026 के विधासभा चुनाव की सियासी तपिश के बीच ममता बनर्जी फ्रंटफुट पर खड़ी नजर आ रही हैं. हाल ही में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह कोलकाता स्थित आई-पीएसी कार्यालय में अचानक ईडी की छापेमारी के बीच अपनी पार्टी की चुनावी योजनाओं से संबंधित एक “हरी फाइल” निकालते हुए नजर आ रही हैं. इसके बाद गुस्से में बीजेपी और अमित शाह पर जमकर निशाना साधा और दूसरे दिन विरोध प्रदर्शन करने सड़क पर उतर गईं और उनकी पार्टी नेता और कार्यकर्ता पूरी तरह से उनके पीछे एकजुट खड़े नजर आए.

    ममता बनर्जी एक ओर केंद्रीय एजेंसी के खिलाफ सड़क पर लड़ रही हैं तो एसआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दस्तक देने पहुंची है. ममता बनर्जी फुल टाइमर पॉलिटिशयन हैं औऱ चौबीसों घंटे सक्रिय राजनीति करती नजर आती हैं. एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ हर जिले में विरोध रैलियां,. विशेष रूप से उत्तरी बंगाल में, जहां बीजेपी की सबसे मजबूत पकड़ है.

    एसआईआर प्रक्रिया से उत्पन्न खतरों के खिलाफ लगातार जवाबी कार्रवाई ने पिछले तीन महीनों से उनकी पूरी पार्टी के कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर सक्रिय रखा है और खुद सड़क पर संघर्ष कर रही है. ममता ने अपने जमीनी संघर्षों से राजनीतिक शक्ति हासिल की है. इसीलिए हर राजनीतिक लड़ाई को सड़क पर लेकर लड़ने में विश्वास करती हैं, क्योंकि उन्हें इसी में मजा आता है और सियासी मुफीद भी रहा है. एक ऐसी राजनेता जिन्होंने खुद को एक पक्की स्ट्रीट फाइटर के तौर पर पहचान बनाई है.

    Follow on Google News Follow on Flipboard
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleपति जहीर-बेटे संग सागरिका ने मंदिर में टेका माथा, दरगाह गईं
    Next Article ग्वालियर: भाई के दोस्त ने किया नाबालिग लड़की से रेप, सदमे में मां ने फांसी लगाकर दी जान
    जनकल्याण टाइम

    Related Posts

    🔴 ब्रेकिंग न्यूज | कल्याण महानगरपालिका निवडणूक 2026 कल्याणमध्ये प्रचाराचा अंतिम टप्पा :उपसंपादक पी. व्ही. आनंद अय्यर News Update | Jan Kalyan Time News Mumbai यांची भाजपा उमेदवार पूजा गायकवाड यांच्याशी खास बातचीत.

    January 13, 2026
    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Economy News

    ग्वालियर: भाई के दोस्त ने किया नाबालिग लड़की से रेप, सदमे में मां ने फांसी लगाकर दी जान

    By जनकल्याण टाइमFebruary 6, 2026

    ग्वालियर में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक वारदात सामने आई है. यहां एक 16…

    EC से SC तक… ममता बनर्जी की फ्रंटलाइन पॉलिटिक्स, हर मोर्चा पर लड़ने का फॉर्मूला

    February 6, 2026

    पति जहीर-बेटे संग सागरिका ने मंदिर में टेका माथा, दरगाह गईं

    February 6, 2026
    Top Trending

    ग्वालियर: भाई के दोस्त ने किया नाबालिग लड़की से रेप, सदमे में मां ने फांसी लगाकर दी जान

    By जनकल्याण टाइमFebruary 6, 2026

    ग्वालियर में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक वारदात सामने आई है.…

    EC से SC तक… ममता बनर्जी की फ्रंटलाइन पॉलिटिक्स, हर मोर्चा पर लड़ने का फॉर्मूला

    By जनकल्याण टाइमFebruary 6, 2026

    एसआईआर के मुद्दे को लेकर ममता बनर्जी सड़क से सुप्रीम कोर्ट तक…

    पति जहीर-बेटे संग सागरिका ने मंदिर में टेका माथा, दरगाह गईं

    By जनकल्याण टाइमFebruary 6, 2026

    एक्ट्रेस सागरिका घाटगे और पूर्व क्रिकेटर जहीर खान पावर कपल हैं. 2025…

    Subscribe to News

    Get the latest sports news from NewsSite about world, sports and politics.

    Advertisement
    Demo
    Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

    News

    • World
    • US Politics
    • EU Politics
    • Business
    • Opinions
    • Connections
    • Science

    Company

    • Information
    • Advertising
    • Classified Ads
    • Contact Info
    • Do Not Sell Data
    • GDPR Policy
    • Media Kits

    Services

    • Subscriptions
    • Customer Support
    • Bulk Packages
    • Newsletters
    • Sponsored News
    • Work With Us

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.
    • Privacy Policy
    • Terms
    • Accessibility

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.