
प्रिय देशवासियों,
आज मैं आपसे किसी कहानी, किसी फिल्म या किसी संवाद की नहीं—
जीवन के उस सत्य की बात करने आया हूँ, जो इस चित्र में मौन होकर भी बहुत कुछ कह रहा है।
यह चित्र साईं बाबा का है—
एक ऐसा संत, जिसने न जाति देखी, न धर्म,
न अमीरी जानी, न गरीबी।
उन्होंने केवल इंसान देखा… और इंसानियत सिखाई।
इस चित्र में उठी हुई उनकी हथेली केवल आशीर्वाद नहीं है,
यह एक सवाल भी है—
👉 “क्या तुमने आज किसी भूखे को भोजन दिया?”
👉 “क्या तुमने किसी दुखी को सहारा दिया?”
👉 “क्या तुमने अपने भीतर की इंसानियत को जिंदा रखा?”
श्रद्धा — विश्वास, जो टूटने नहीं देता
साईं बाबा कहते थे — “सबका मालिक एक”
श्रद्धा का अर्थ अंधा विश्वास नहीं,
श्रद्धा का अर्थ है — संकट में भी सही रास्ते पर डटे रहना।
आज का इंसान हार बहुत जल्दी मान लेता है।
थोड़ी सी असफलता आते ही कह देता है —
“अब मुझसे नहीं होगा…”
लेकिन याद रखिए—
👉 जिस दिन आपने खुद पर विश्वास खो दिया,
उस दिन दुनिया जीत गई।
सबूरी — धैर्य, जो आपको महान बनाता है
इस चित्र में बाबा शांत हैं, स्थिर हैं।
क्योंकि वे जानते थे—
🌱 हर बीज को फल बनने में समय लगता है।
आज की दुनिया Instant Result चाहती है—
Instant Success, Instant Fame, Instant Money
लेकिन जीवन कहता है—
👉 “ठहरो… सीखो… सहो… फिर आगे बढ़ो।”
जो इंसान धैर्य रखता है,
वही इतिहास रचता है।
सेवा — सबसे बड़ी साधना
इस चित्र में गरीब, असहाय, बीमार लोग हैं—
और बाबा उनके साथ हैं।
सेवा का मतलब केवल दान नहीं,
सेवा का मतलब है—
किसी की बात सुन लेना
किसी गिरते को उठाना
किसी रोते को चुप कराना
👉 जो दूसरों के लिए जीता है,
वही सच्चे अर्थों में अमर होता है।
आज के समय का सबसे बड़ा संदेश
आज समाज टूट रहा है—
नफरत से, स्वार्थ से, अहंकार से।
लेकिन साईं बाबा आज भी कह रहे हैं—
🕊️ “धर्म मंदिर में नहीं, दिल में होता है।”
🕊️ “भगवान मूर्ति में नहीं, मानवता में मिलता है।”
अगर हम
लालच छोड़ दें
क्रोध छोड़ दें
ईर्ष्या छोड़ दें
तो यही धरती स्वर्ग बन सकती है।
अंत में…
मैं, राजेश भट्ट, एक लेखक और निर्देशक होने के नाते,
इतना ही कहना चाहता हूँ—
🎬 “श्रद्धा, सबूरी और सेवा — यही जीवन का सत्य है”
एक प्रेरणादायक संदेश
बॉलीवुड लेखक–निर्देशक

श्री राजेश भट्ट साहब (मुंबई) की ओर से
जन–जन तक पहुँचे यह संदेश

जन कल्याण टाइम न्यूज़, मुंबई के माध्यम से
प्रस्तुति :

धनंजय राजेश गावड़े
प्रेस फ़ोटोग्राफ़र – जन कल्याण टाइम न्यूज़
प्रिय देशवासियों,
आज मैं आपसे किसी कहानी, किसी फिल्म या किसी संवाद की नहीं—
जीवन के उस सत्य की बात करने आया हूँ, जो इस चित्र में मौन होकर भी बहुत कुछ कह रहा है।
यह चित्र साईं बाबा का है—
एक ऐसा संत, जिसने न जाति देखी, न धर्म,
न अमीरी जानी, न गरीबी।
उन्होंने केवल इंसान देखा… और इंसानियत सिखाई।
इस चित्र में उठी हुई उनकी हथेली केवल आशीर्वाद नहीं है,
यह एक सवाल भी है—
👉 “क्या तुमने आज किसी भूखे को भोजन दिया?”
👉 “क्या तुमने किसी दुखी को सहारा दिया?”
👉 “क्या तुमने अपने भीतर की इंसानियत को जिंदा रखा?”
श्रद्धा — विश्वास, जो टूटने नहीं देता
साईं बाबा कहते थे — “सबका मालिक एक”
श्रद्धा का अर्थ अंधा विश्वास नहीं,
श्रद्धा का अर्थ है — संकट में भी सही रास्ते पर डटे रहना।
आज का इंसान हार बहुत जल्दी मान लेता है।
थोड़ी सी असफलता आते ही कह देता है —
“अब मुझसे नहीं होगा…”
लेकिन याद रखिए—
👉 जिस दिन आपने खुद पर विश्वास खो दिया,
उस दिन दुनिया जीत गई।
सबूरी — धैर्य, जो आपको महान बनाता है
इस चित्र में बाबा शांत हैं, स्थिर हैं।
क्योंकि वे जानते थे—
🌱 हर बीज को फल बनने में समय लगता है।
आज की दुनिया Instant Result चाहती है—
Instant Success, Instant Fame, Instant Money
लेकिन जीवन कहता है—
👉 “ठहरो… सीखो… सहो… फिर आगे बढ़ो।”
जो इंसान धैर्य रखता है,
वही इतिहास रचता है।
सेवा — सबसे बड़ी साधना
इस चित्र में गरीब, असहाय, बीमार लोग हैं—
और बाबा उनके साथ हैं।
सेवा का मतलब केवल दान नहीं,
सेवा का मतलब है—
किसी की बात सुन लेना
किसी गिरते को उठाना
किसी रोते को चुप कराना
👉 जो दूसरों के लिए जीता है,
वही सच्चे अर्थों में अमर होता है।
आज के समय का सबसे बड़ा संदेश
आज समाज टूट रहा है—
नफरत से, स्वार्थ से, अहंकार से।
लेकिन साईं बाबा आज भी कह रहे हैं—
🕊️ “धर्म मंदिर में नहीं, दिल में होता है।”
🕊️ “भगवान मूर्ति में नहीं, मानवता में मिलता है।”
अगर हम
लालच छोड़ दें
क्रोध छोड़ दें
ईर्ष्या छोड़ दें
तो यही धरती स्वर्ग बन सकती है।
अंत में…
मैं, राजेश भट्ट, एक लेखक और निर्देशक होने के नाते,
इतना ही कहना चाहता हूँ—
🎬 फिल्मों में हीरो बनना आसान है,
लेकिन ज़िंदगी में हीरो बनना बहुत मुश्किल।
और ज़िंदगी का हीरो वही है—
जो चुपचाप अच्छा काम करता है,
बिना किसी तालियों की उम्मीद के।
आइए, इस चित्र से प्रेरणा लें।
आइए, साईं बाबा के रास्ते पर चलें।
श्रद्धा रखिए…
सबूरी सीखिए…
और सेवा को अपना धर्म बनाइए।
🙏 सबका मालिक एक। 🙏
और ज़िंदगी का हीरो वही है—
जो चुपचाप अच्छा काम करता है,
बिना किसी तालियों की उम्मीद के।
आइए, इस चित्र से प्रेरणा लें।
आइए, साईं बाबा के रास्ते पर चलें।
श्रद्धा रखिए…
सबूरी सीखिए…
और सेवा को अपना धर्म बनाइए।
🙏 सबका मालिक एक। 🙏
