
जब संसार की भागदौड़ में इंसान थक जाता है,
जब रिश्ते, धन, पद और अहंकार साथ छोड़ने लगते हैं,
तब एक ही नाम दिल को सुकून देता है — साईं… साईं…
तस्वीर में दृष्टिगोचर यह अलौकिक छवि श्री साईं बाबा की है, जिनके मुखमंडल पर अपार शांति, करुणा और अनंत विश्वास झलकता है। केसरिया वस्त्र, मस्तक पर पवित्र चिह्न और नेत्रों में ऐसी गहराई—मानो वे हर भक्त के मन की पीड़ा पढ़ रहे हों।
साईं बाबा का संदेश:
“सबका मालिक एक है — डर छोड़ो, विश्वास रखो,
मैं तुम्हारे साथ हूँ।”
आज जब समाज तनाव, हिंसा, अवसाद और भटकाव से जूझ रहा है,
तब साईं बाबा का जीवन और उनका संदेश मानवता के लिए दीपस्तंभ है।
श्रद्धा (Faith)
साईं कहते हैं — बिना श्रद्धा के कोई मार्ग नहीं खुलता।
जो ईश्वर पर नहीं, अपने भीतर की अच्छाई पर विश्वास करता है,
वह भी साईं की ही राह पर है।
सबूरी (Patience)
आज की पीढ़ी तुरंत फल चाहती है,
लेकिन साईं बाबा सिखाते हैं —
सही समय पर, सही फल, अवश्य मिलता है।
धैर्य ही सच्ची तपस्या है।
सेवा और मानवता
साईं बाबा ने कभी धर्म नहीं पूछा,
उन्होंने भूखे को रोटी दी,
बीमार को दवा,
और टूटे हुए इंसान को आसरा दिया।
उनके लिए
हिंदू-मुस्लिम, अमीर-गरीब, ऊँच-नीच —
सब समान थे।
आज के समय में साईं बाबा
आज जब इंसान
मोबाइल में उलझा है,
सोशल मीडिया में खोया है,
और भीतर से अकेला है—
तब साईं बाबा की यह छवि हमें याद दिलाती है:
“रुको… सांस लो…
ईश्वर तुम्हारे बहुत करीब है।”
जन-जन के नाम यह संदेश
अगर जीवन में अंधकार है —
तो दीप बनो।
अगर मन में डर है —
तो साईं को याद करो।
अगर रास्ता नहीं दिख रहा —
तो साईं का नाम लो,
रास्ता खुद बन जाएगा।
प्रस्तुति और श्रद्धांजलि
✍️ बॉलीवुड लेखक एवं निर्देशक

श्री राजेश भट्ट साहब की कलम से
📰 जन-जन तक यह संदेश पहुँचाने का प्रयास

जन कल्याण टाइम न्यूज़, मुंबई
📸 प्रस्तुति

धनंजय राजेश गवाड़े
(प्रेस फ़ोटोग्राफ़र)