
साई राम।
यह केवल दो शब्द नहीं हैं, बल्कि यह जीवन को सही दिशा देने वाली एक चेतना है।
यह वह पुकार है, जो टूटे हुए मन को संबल देती है,
हारे हुए इंसान को फिर से खड़ा होने की शक्ति देती है,
और अंधकार में भटके हुए जीवन को प्रकाश की ओर ले जाती है।
साई बाबा ने कभी बड़े उपदेश नहीं दिए,
उन्होंने जीवन जीकर सिखाया।
उनका संदेश बहुत सरल था –
श्रद्धा रखो, सबूरी रखो और इंसान बनो।
आज का इंसान बहुत तेज़ भाग रहा है,
लेकिन यह भूल गया है कि उसे कहाँ पहुँचना है।
पैसा है, साधन हैं, तकनीक है,
लेकिन मन अशांत है, आत्मा खाली है।
साई बाबा कहते हैं –
“यदि तुम्हारा मन शांत है, तो तुम्हारे पास सब कुछ है।”
जीवन में दुख आएँगे, संघर्ष आएँगे,
लेकिन याद रखना –
हर पीड़ा तुम्हें तोड़ने नहीं,
तुम्हें मज़बूत बनाने आती है।
जब कोई साथ न दे,
जब रास्ते बंद दिखें,
जब उम्मीदें थक जाएँ –
तब सिर्फ एक शब्द दिल से कहना:
“साई राम”
यह शब्द तुम्हारे भीतर
धैर्य जगा देगा,
विश्वास लौटा देगा,
और सही समय पर सही रास्ता दिखा देगा।
साई बाबा ने कहा था –
“सबका मालिक एक।”
इसलिए नफरत छोड़ो,
भेदभाव छोड़ो,
और इंसानियत को अपनाओ।
आज देश और समाज को
सबसे ज़्यादा ज़रूरत है –
एक अच्छे इंसान की।
जो सच्चा हो,
जो संवेदनशील हो,
जो दूसरों के दर्द को समझ सके।
अगर तुम किसी दुखी चेहरे पर मुस्कान ला सको,
अगर तुम किसी भूखे को रोटी दे सको,
अगर तुम किसी निराश को आशा दे सको –
तो समझो,
तुम साई बाबा के रास्ते पर चल रहे हो।
याद रखो –
ईश्वर मंदिर, मस्जिद या दरगाह में नहीं,
वह उस कर्म में है
जो तुम निस्वार्थ भाव से करते हो।
आज इस संदेश को
सिर्फ पढ़ो मत,
इसे जीयो।
श्रद्धा रखो।
सबूरी रखो।
और मानवता को सबसे बड़ा धर्म मानो।
साई राम।

✍️ प्रेरणादायक संदेश
राजेश भट्ट
(बॉलीवुड लेखक एवं निर्देशक, मुंबई)

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धनंजय राजेश गावड़े
प्रेस फ़ोटोग्राफ़र – Jan Kalyan Time News, Mumbai