

पी.वी.आनंदपद्मनाभन
मुंबई,
स्वास्थ्य विभाग की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जनसंख्या के अनुसार स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु सख्त योजना बनाई जानी चाहिए। शहरी क्षेत्र की स्वास्थ्य परियोजनाओं के कार्यों के लिए प्रत्येक पालक सचिव को योजनाबद्ध कार्यक्रम बनाकर इन कार्यों में तेजी लानी चाहिए। साथ ही, सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग की अधिक से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराते हुए इन्हें ‘आपले सरकार’ पोर्टल पर सुलभ किया जाना चाहिए, ऐसे निर्देश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिए।
मुख्यमंत्री विधान भवन में आयोजित सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अजित पवार, चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ, खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबळ, स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आंबिटकर, राज्य मंत्री मेघना बोर्डीकर, मुख्य सचिव राजेश कुमार उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि राज्य की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत कर ग्रामीण क्षेत्रों की तरह शहरी क्षेत्रों में भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। नई एम्बुलेंस के लिए किए जाने वाले अनुबंधों, 398 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और 2806 उपकेंद्रों के आधुनिकीकरण के लिए 5983 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च अपेक्षित है, जो चरणबद्ध तरीके से प्राप्त होगा। राज्य सरकार और वित्तीय संस्थानों से मिलने वाले निधियों का सही नियोजन किया जाना चाहिए। केंद्र और राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए। जिला अस्पतालों, उप-जिला अस्पतालों और ग्रामीण अस्पतालों को सशक्त बनाने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए विभाग द्वारा नए दिशा-निर्देश लागू किए जाएं। नई आधारभूत सुविधा विकास महामंडल की स्थापना के लिए कार्यवाही तेजी से की जाए, ऐसे आदेश भी मुख्यमंत्री ने दिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दवाइयों और उपकरणों की खरीद को सरल प्रक्रिया के माध्यम से किया जाए। स्वास्थ्य सेवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए। सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की क्षमता निर्माण हेतु नवाचार कार्यक्रम लागू किए जाएं। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और महात्मा फुले जन आरोग्य योजना के अंतर्गत आने वाले अस्पतालों का सारा डेटा ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाए। एक ही समय में प्रमाणिक जानकारी मिलने से मरीजों और विभाग को स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से प्रदान की जा सकेंगी। नागरिकों को विभाग की सभी योजनाओं की जानकारी सहज रूप में प्राप्त हो सके, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट को भी अपडेट किया जाए। राज्य की स्वास्थ्य नीति का एक समावेशी प्रारूप तैयार किया जाए। विभागीय सेवा भर्ती हेतु एक मंडल की स्थापना की जाए, और स्वास्थ्य सेवाओं का विकेंद्रीकरण कर मरीजों को गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदान करने पर विभाग को प्राथमिकता देनी चाहिए, ऐसे निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए।
स्वास्थ्य विभाग के सचिव डॉ. निपुण विनायक और सचिव वीरेंद्र सिंह ने विभाग के कार्यों की प्रस्तुति दी। डॉ. निपुण विनायक ने बंधपत्र नीति से जुड़ी वास्तविक स्थिति और बदली हुई परिस्थितियों की प्रस्तुति की।