


यह दुर्घटना एक बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान के साथ हुई, जिसमें 242 लोग सवार थे, और केवल एक यात्री, विशवशकुमार रमेश, जीवित बचे। दुर्घटना में 241 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के साथ-साथ जमीन पर कम से कम 38 लोगों की मृत्यु हो गई, जिससे कुल मृतकों की संख्या 279 तक पहुंच गई। ब्लैक बॉक्स की बरामदगी और उससे प्राप्त होने वाली जानकारी इस दुर्घटना के कारणों को समझने में महत्वपूर्ण है।
ब्लैक बॉक्स क्या है?
ब्लैक बॉक्स वास्तव में दो उपकरणों का एक सेट है:
फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR): यह विमान के तकनीकी मापदंडों जैसे गति, ऊंचाई, इंजन प्रदर्शन, और नियंत्रण सतहों की स्थिति को रिकॉर्ड करता है।
कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR): यह कॉकपिट में होने वाली बातचीत, पायलटों और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के बीच संचार, और अन्य ध्वनियों (जैसे अलार्म या इंजन की आवाज) को रिकॉर्ड करता है।
ये उपकरण चमकीले नारंगी रंग के होते हैं ताकि दुर्घटना स्थल पर इन्हें आसानी से खोजा जा सके। इन्हें अत्यधिक मजबूत बनाया जाता है ताकि वे आग, पानी, और भारी प्रभाव को सहन कर सकें।
अहमदाबाद विमान दुर्घटना में ब्लैक बॉक्स की बरामदगी
पहला ब्लैक बॉक्स (FDR): 13 जून, 2025 को, दुर्घटना के 28 घंटे के भीतर, भारतीय विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर को बी.जे. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल की छत पर बरामद किया, जहां विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। यह एक महत्वपूर्ण कदम था, जैसा कि नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजारापु ने कहा, “यह जांच में एक महत्वपूर्ण प्रगति है और दुर्घटना की जांच में काफी मदद करेगा।”
दूसरा ब्लैक बॉक्स (CVR): 15 जून, 2025 को, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर को बरामद किया गया। इसकी बरामदगी की पुष्टि भारतीय अधिकारियों ने की, और यह पायलटों की अंतिम बातचीत और कॉकपिट की ध्वनियों को समझने में मदद करेगा।
दोनों ब्लैक बॉक्स की बरामदगी से जांचकर्ताओं को दुर्घटना के अंतिम क्षणों का दूसरा-दर-दूसरा पुनर्निर्माण करने में मदद मिलेगी।
ब्लैक बॉक्स से अब तक क्या जानकारी मिली है?
हालांकि ब्लैक बॉक्स के डेटा का पूर्ण विश्लेषण अभी चल रहा है और इसके परिणामों की प्रतीक्षा है, कुछ प्रारंभिक जानकारी और संभावित निष्कर्ष निम्नलिखित हैं:
- फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) से संभावित जानकारी
विमान की स्थिति:
विमान ने 12 जून, 2025 को दोपहर 1:39 बजे सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरी। यह केवल 625-650 फीट की ऊंचाई तक पहुंचा और कुछ सेकंड बाद यह तेजी से नीचे गिरने लगा।
FDR से विमान की गति, ऊंचाई, नियंत्रण सतहों (जैसे फ्लैप्स, रडर) की स्थिति, और इंजन की शक्ति के बारे में सटीक डेटा मिलेगा।
इंजन प्रदर्शन:
प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, पायलट ने “थ्रस्ट नहीं मिल रहा” (no thrust) और “पावर की कमी” (losing power) की सूचना दी थी। FDR यह पुष्टि करेगा कि क्या इंजन में कोई तकनीकी खराबी थी, जैसे इंजन विफलता या ईंधन आपूर्ति में रुकावट।
बोइंग 787 ड्रीमलाइनर हजारों डेटा पॉइंट्स प्रति सेकंड रिकॉर्ड करता है, जो इंजन के प्रदर्शन, सिस्टम चेतावनियों, और नियंत्रण इनपुट्स को दर्शाएगा।
नियंत्रण और सिस्टम:
जांचकर्ता यह देख रहे हैं कि क्या विमान के फ्लैप्स सही ढंग से सेट थे, क्या लैंडिंग गियर खुला रहा, या क्या कोई सिस्टम विफलता थी।
FDR यह भी बताएगा कि क्या पायलटों ने कोई रिकवरी मैन्यूवर्स (उड़ान को बचाने के प्रयास) किए थे। - कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) से संभावित जानकारी
पायलट का मेडे कॉल:
कैप्टन सुमीत सभरवाल ने उड़ान भरने के 36 सेकंड के भीतर “मेडे, मेडे” कॉल किया, जो एक गंभीर आपातकालीन संकेत है। उन्होंने कथित तौर पर “थ्रस्ट नहीं मिल रहा” और “पावर की कमी” की भी सूचना दी। CVR इस कॉल के सटीक समय और शब्दों को पुष्टि करेगा।
CVR से यह भी पता चलेगा कि कैप्टन सभरवाल और प्रथम अधिकारी क्लाइव सुंदर ने आपस में क्या बात की और ATC के साथ उनका अंतिम संचार क्या था।
कॉकपिट की ध्वनियां:
CVR कॉकपिट में बजने वाले अलार्म, इंजन की आवाज, या अन्य असामान्य ध्वनियों (जैसे विस्फोट या टकराव) को रिकॉर्ड करता है। ये ध्वनियां यह समझने में मदद करेंगी कि दुर्घटना से ठीक पहले क्या हुआ।
उदाहरण के लिए, स्टॉल चेतावनी, इंजन विफलता अलार्म, या सिस्टम की अन्य चेतावनियों की मौजूदगी महत्वपूर्ण होगी।
पायलटों की प्रतिक्रिया:
CVR यह दर्शाएगा कि पायलटों ने आपातकालीन स्थिति में क्या कदम उठाए और क्या कोई मानवीय त्रुटि (human error) थी। - प्रारंभिक निष्कर्ष और जांच का फोकस
संभावित कारण:
जांचकर्ता इंजन विफलता, फ्लैप्स की गलत सेटिंग, लैंडिंग गियर की समस्या, या मानवीय त्रुटि जैसे पहलुओं पर ध्यान दे रहे हैं।
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी उल्लेख है कि विमान “हवा में अटक गया” (stuck in the air) जैसा महसूस हुआ, जैसा कि एकमात्र जीवित यात्री विशवशकुमार रमेश ने बताया। यह संकेत दे सकता है कि विमान पर्याप्त लिफ्ट (उठान) प्राप्त नहीं कर सका।
तकनीकी विश्लेषण:
FDR से डेटा निकालने (milking) में 25 घंटे तक लग सकते हैं, जबकि CVR से डेटा निकालने में 2 घंटे लगते हैं। इसके बाद, डेटा का विश्लेषण (जैसे गति, हमले का कोण, और अन्य मापदंड) 4-5 दिनों तक ले सकता है।
AAIB, अमेरिका की नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB), फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA), और यूके की सिविल एविएशन अथॉरिटी (CAA) के विशेषज्ञ इस विश्लेषण में सहयोग कर रहे हैं।
ब्लैक बॉक्स से प्राप्त जानकारी का महत्व
दुर्घटना का कारण:
ब्लैक बॉक्स यह स्पष्ट करेगा कि दुर्घटना यांत्रिक खराबी (जैसे इंजन विफलता, बर्ड स्ट्राइक, या सिस्टम मालफंक्शन), मानवीय त्रुटि, या बाहरी कारकों (जैसे मौसम या रखरखाव की कमी) के कारण हुई।
उदाहरण के लिए, 2020 की कोझिकोड दुर्घटना में ब्लैक बॉक्स ने पायलट के निर्णय और रनवे की स्थिति को समझने में मदद की थी।
सुरक्षा सुधार:
ब्लैक बॉक्स के डेटा से प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर, एयर इंडिया और बोइंग अपनी प्रक्रियाओं और विमानों में सुधार कर सकते हैं। DGCA ने पहले ही एयर इंडिया के बोइंग 787-8 और 787-9 फ्लीट पर अतिरिक्त सुरक्षा जांच के आदेश दिए हैं।
पारदर्शिता और जवाबदेही:
टाटा समूह, जो एयर इंडिया का मालिक है, ने कहा है कि वे जांच में पूर्ण सहयोग करेंगे और निष्कर्षों के बारे में पारदर्शी रहेंगे।
वर्तमान स्थिति (17 जून, 2025 तक)
डेटा विश्लेषण: ब्लैक बॉक्स के डेटा का डिकोडिंग और विश्लेषण चल रहा है। नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा कि यह प्रक्रिया दुर्घटना के अंतिम क्षणों में गहरा अंतर्दृष्टि प्रदान करेगी।
जांच: AAIB, NTSB, FAA, और CAA की टीमें संयुक्त रूप से जांच कर रही हैं। बोइंग और इंजन निर्माता GE एयरोस्पेस भी सहायता प्रदान कर रहे हैं।
परिणामों की प्रतीक्षा: कुछ विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि ब्लैक बॉक्स अच्छी स्थिति में है, तो अगले कुछ दिनों में प्रारंभिक निष्कर्ष सामने आ सकते हैं।
शवों की पहचान: दुर्घटना में अधिकांश शव जल गए या क्षतिग्रस्त हो गए, इसलिए DNA टेस्टिंग के माध्यम से पहचान की जा रही है। अब तक 119 शवों का DNA मिलान हो चुका है, और 76 शव परिवारों को सौंपे गए हैं।
ब्लैक बॉक्स की सीमाएं
सीमित रिकॉर्डिंग समय: CVR आमतौर पर केवल अंतिम 2-25 घंटे की ऑडियो रिकॉर्ड करता है, लेकिन इस मामले में, चूंकि विमान केवल 36 सेकंड तक हवा में था, यह कोई समस्या नहीं होगी।
क्षति की संभावना: हालांकि ब्लैक बॉक्स मजबूत होते हैं, लेकिन अगर वे क्षतिग्रस्त हो गए, तो डेटा रिकवरी में समय लग सकता है। इस मामले में, दोनों ब्लैक बॉक्स अच्छी स्थिति में बरामद हुए प्रतीत होते हैं।
अपूर्ण संदर्भ: ब्लैक बॉक्स केवल तकनीकी और ऑडियो डेटा प्रदान करता है। पूर्ण तस्वीर के लिए, मलबे के विश्लेषण, रखरखाव रिकॉर्ड, और मौसम की स्थिति जैसे अन्य साक्ष्यों की भी आवश्यकता होगी।
निष्कर्ष
अहमदाबाद विमान दुर्घटना के ब्लैक बॉक्स (FDR और CVR) की बरामदगी जांच में एक महत्वपूर्ण कदम है। ये उपकरण दुर्घटना के अंतिम 36 सेकंड के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करेंगे, जिसमें पायलटों का मेडे कॉल, इंजन की स्थिति, नियंत्रण इनपुट्स, और कॉकपिट की ध्वनियां शामिल हैं। प्रारंभिक जानकारी से संकेत मिलता है कि विमान को थ्रस्ट की कमी और पावर की हानि का सामना करना पड़ा, लेकिन यह यांत्रिक खराबी, मानवीय त्रुटि, या अन्य कारकों के कारण था, इसका पता ब्लैक बॉक्स के डेटा विश्लेषण से चलेगा। जांच अभी चल रही है, और अगले कुछ दिनों में प्रारंभिक निष्कर्ष सामने आ सकते हैं।
