
‘हरित महाराष्ट्र, समृद्ध महाराष्ट्र’ अभियान के तहत वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान

पी.वी.आनंदपद्मनाभन
मुंबई,
राज्य में वन आच्छादन की प्रतिशतता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘हरित महाराष्ट्र, समृद्ध महाराष्ट्र’ अभियान के अंतर्गत इस वर्ष 10 करोड़ वृक्ष लगाए जाएंगे, ऐसी घोषणा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की। अगले वर्ष भी 10 करोड़ वृक्षारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह अभियान तभी सफल होगा जब वृक्षारोपण एक जनआंदोलन बने। इसके लिए सभी को मिलकर कार्य करना चाहिए, ऐसा आह्वान मुख्यमंत्री ने किया।
इस अभियान के तहत वृक्षारोपण की योजना पर सह्याद्री अतिथि गृह में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अजित पवार, वन मंत्री गणेश नाईक, राज्य मंत्री आशीष जयस्वाल, मुख्य सचिव सुजाता सौनिक, अपर मुख्य सचिव मिलिंद म्हैसकर और विभिन्न विभागों के सचिव तथा वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण आवश्यक है। वन आच्छादन बढ़ाने में महाराष्ट्र देश में अग्रणी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान में महाराष्ट्र ने बेहतरीन कार्य किया है। राज्य में 33% वन आच्छादन का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए अगले 20 वर्षों तक यह अभियान मिशन मोड में चलाना जरूरी है। पिछले 8 वर्षों में राज्य ने बड़े पैमाने पर वृक्ष लगाए हैं और 33 करोड़ तथा 50 करोड़ वृक्ष लगाने का लक्ष्य पहले ही सफलतापूर्वक पूरा किया है। इसलिए इस वर्ष का लक्ष्य भी निश्चित रूप से प्राप्त किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण के लिए कम से कम डेढ़ से तीन वर्ष आयु के पौधे लगाए जाने चाहिए। लगाए गए वृक्षों की देखभाल और उनकी वृद्धि सुनिश्चित की जानी चाहिए। वृक्षों के जीवित रहने की दर बढ़ाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाना चाहिए। रिमोट सेंसिंग और सैटेलाइट जैसी तकनीकों से पारदर्शी रूप से काम किया जाए।
10 करोड़ वृक्षारोपण के लिए सभी विभागों को उपयुक्त स्थान और गुणवत्तायुक्त पौधों की व्यवस्था करनी चाहिए। स्थानीय स्वराज्य संस्थाएं, जिला परिषदें इस अभियान में भाग लें और सामाजिक संस्थाओं को भी जोड़ें। इस अभियान की सफलता के लिए अच्छी नर्सरियां जरूरी हैं। इसलिए आवश्यक मात्रा में उच्च गुणवत्ता वाले पौधे तैयार करने के लिए नर्सरियां विकसित की जानी चाहिए। निजी नर्सरियों में भी गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए। स्थानीय पर्यावरण के अनुसार पौधों का चयन किया जाए। वृक्षारोपण कार्यों में ‘कैंपा’ (CAMPA) फंड का पूरा उपयोग किया जाए, ऐसा निर्देश भी उन्होंने दिया।
हाईवे के किनारे वृक्षारोपण की जिम्मेदारी अब वन विभाग को
राज्य के राष्ट्रीय, राज्य महामार्गों और पालखी मार्गों के किनारे वृक्षारोपण की जिम्मेदारी अब वन विभाग को सौंपी जाएगी। गढ़चिरोली जिले में तेजी से उद्योग आ रहे हैं, इसलिए वहां बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण आवश्यक है। अगले वर्ष गढ़चिरोली में 1 करोड़ वृक्ष लगाने की योजना है, जिस पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। इसके अलावा जोतिबा डोंगर क्षेत्र में भी वृक्षारोपण किया जाएगा।
मराठवाड़ा के बीड, लातूर जैसे जिलों में वृक्षों की संख्या सबसे कम है। वहां विशेष अभियान चलाने के निर्देश वन विभाग को दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘बांस मिशन’ को सभी विभागों का मिशन मानकर सबको मिलकर काम करना चाहिए।
देशी और छायादार वृक्ष लगाए जाएं – उपमुख्यमंत्री अजित पवार
उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि राष्ट्रीय और राज्य महामार्गों के किनारे वृक्षारोपण करते समय भविष्य में होने वाले सड़क चौड़ीकरण का ध्यान रखा जाए। इन मार्गों पर जामुन, बहावा, सुरंगी, पीपल, वटवृक्ष, नीम, अर्जुन जैसे देशी व छायादार वृक्ष लगाए जाएं। प्रत्येक क्षेत्र में भिन्न-भिन्न वृक्ष पनपते हैं, इस अनुसार रोपण किया जाए। वस्त्र उद्योग और विपणन जैसे विभाग भी इसमें सक्रिय भाग लें।
10 करोड़ वृक्षारोपण अभियान सफल होगा – वन मंत्री गणेश नाईक
वन मंत्री गणेश नाईक ने बताया कि महामार्गों पर वृक्षारोपण का कार्य वन विभाग की ओर से किया जाएगा। CAMPA निधि का पूरा उपयोग इस अभियान के लिए किया जाएगा और यह अभियान सफलतापूर्वक संपन्न होगा।
वृक्षारोपण और निगरानी प्रणाली का उद्घाटन
सार्वजनिक निर्माण विभाग की वृक्षारोपण योजना के बारे में अपर मुख्य सचिव मनीषा म्हैसकर ने जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री पवार के हाथों वृक्षारोपण और निगरानी हेतु विकसित की गई प्रणाली का उद्घाटन किया गया। इस ऐप के माध्यम से राज्य में किए जा रहे वृक्षारोपण और उसकी देखभाल की जानकारी मिलेगी। यह ऐप एंड्रॉइड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा।
इस बैठक में विभागीय आयुक्त, जिलास्तरीय राजस्व और वन अधिकारी भी वर्चुअली उपस्थित थे।
