



राजेश लक्ष्मण गावड़े
मुख्य संपादक (जन कल्याण टाइम)
उद्देश्य:
यह ब्लैकआउट एक मॉक ड्रिल का हिस्सा है, जिसे केंद्र सरकार के निर्देश पर आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य भारत-पाकिस्तान तनाव या युद्ध जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में बिजली आपूर्ति और सुरक्षा प्रणालियों की तैयारियों का परीक्षण करना है।
इस ड्रिल के दौरान, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों (जैसे अस्पताल, रक्षा ठिकाने, और आपातकालीन सेवाएं) को बिजली आपूर्ति बाधित न हो, जबकि सामान्य क्षेत्रों में बिजली बंद रहेगी।
प्रभावित क्षेत्र:
यह ब्लैकआउट पूरे गुजरात राज्य में लागू होगा। हालांकि, कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों और सेवाओं को इससे छूट दी जा सकती है, जैसे:
अस्पताल और चिकित्सा सुविधाएं
रक्षा और सुरक्षा प्रतिष्ठान
आपातकालीन सेवाएं (पुलिस, अग्निशमन, आदि)
रेलवे और हवाई अड्डे जैसे परिवहन केंद्र
घोषणा करने वाला प्राधिकरण:
गुजरात के गृह राज्यमंत्री हर्ष सांघवी ने इस ब्लैकआउट ड्रिल की आधिकारिक घोषणा की है।
यह ड्रिल केंद्र सरकार के निर्देश पर और राज्य सरकार के सहयोग से आयोजित की जा रही है।
जनता के लिए दिशा-निर्देश:
लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे इस 30 मिनट की अवधि के दौरान घबराएं नहीं और इसे एक नियमित अभ्यास के रूप में लें।
इस दौरान बिजली से चलने वाले उपकरणों का उपयोग सीमित करें और बैटरी-पावर उपकरणों (जैसे टॉर्च, मोबाइल चार्जर) को तैयार रखें।
सड़कों पर अनावश्यक आवाजाही से बचें, क्योंकि कुछ क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट्स भी बंद हो सकती हैं।
आपातकालीन स्थिति में स्थानीय प्रशासन या बिजली विभाग के हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।
अन्य क्षेत्रों में ब्लैकआउट:
गुजरात के अलावा, यह मॉक ड्रिल देश के अन्य हिस्सों में भी आयोजित की जा सकती है, लेकिन गुजरात में इसकी विशेष रूप से घोषणा की गई है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
ब्लैकआउट का अर्थ: ब्लैकआउट का मतलब है बिजली की आपूर्ति को नियोजित रूप से बंद करना। यह आमतौर पर युद्ध, प्राकृतिक आपदा, या तकनीकी परीक्षण के दौरान किया जाता है ताकि दुश्मन के हवाई हमलों से बचाव या बिजली प्रणाली की जांच की जा सके।
भारत-पाकिस्तान तनाव: हाल के कुछ पोस्ट्स में भारत-पाकिस्तान तनाव का जिक्र किया गया है, जिसके कारण यह मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है। हालांकि, यह एक नियमित सैन्य और नागरिक तैयारी का हिस्सा है और इसका मतलब यह नहीं है कि कोई तत्काल खतरा है।
भवनगर में बिजली कटौती: गुजरात के भवनगर में 5 मई 2025 से तीन दिनों के लिए बिजली कटौती की अलग घोषणा की गई थी, जो इस ब्लैकआउट ड्रिल से असंबंधित है और स्थानीय बिजली आपूर्ति की कमी के कारण है।
अतिरिक्त जानकारी
गुजरात में हाल ही में कुछ क्षेत्रों में बिजली कटौती की शिकायतें सामने आई हैं। उदाहरण के लिए, गोधरा में 21 घंटे की बिजली कटौती के बाद इंटरनेट सेवाएं भी प्रभावित हुई थीं। हालांकि, यह ब्लैकआउट ड्रिल उस घटना से अलग है और इसका उद्देश्य तकनीकी या रखरखाव से संबंधित नहीं है।
यह मॉक ड्रिल गुजरात की बिजली प्रणाली की मजबूती और आपातकालीन प्रबंधन की तैयारियों को परखने का एक अवसर प्रदान करेगी।
निष्कर्ष
गुजरात में 7 मई 2025 को शाम 7:30 से 8:00 बजे तक होने वाला ब्लैकआउट एक नियोजित मॉक ड्रिल है, जिसका उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में राज्य की तैयारियों को परखना है। यह केंद्र सरकार के निर्देश पर आयोजित किया जा रहा है और इसका नेतृत्व गुजरात सरकार कर रही है। जनता से सहयोग और शांति बनाए रखने की अपील की गई है। किसी भी आपात स्थिति के लिए स्थानीय प्रशासन और बिजली विभाग के संपर्क नंबरों को तैयार रखें।
स्रोत:



