

Reporting by : A.H. Balwa
Mumbai Maharashtra
सुबह 10:08 बजे तक, बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा था। आइए, आज के भारतीय स्टॉक मार्केट की स्थिति का विस्तार से विश्लेषण करें।
बाजार का हाल
सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट: सुबह के कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 3,000 अंकों से अधिक टूट गया और 21,900 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 900 अंकों से ज्यादा गिरकर 21,900 के नीचे पहुंच गया। यह गिरावट पिछले कुछ दिनों की तुलना में कहीं अधिक तीव्र थी।
सभी सेक्टर प्रभावित: मेटल, ऑटो, आईटी, रियल्टी और फाइनेंशियल सेक्टर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में 7-8% तक की गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों में डर का माहौल बना हुआ है, जिसके चलते बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया।
गिरावट के प्रमुख कारण
ट्रंप टैरिफ का असर: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत सहित कई देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने की घोषणा की है। भारत पर 26% का टैरिफ लगाया गया है, जो चीन पर लगाए गए 34% से कम है, लेकिन इसका भारतीय कंपनियों पर गहरा असर पड़ रहा है। इससे निर्यात पर निर्भर कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई।
वैश्विक बाजारों में मंदी: अमेरिकी और एशियाई बाजारों में भी ट्रेड वॉर की आशंकाओं से गिरावट देखी गई, जिसका असर भारतीय बाजार पर पड़ा। निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता कम हुई है।
रुपये में कमजोरी: भारतीय रुपये में भी गिरावट देखी गई, जो आयात को महंगा बना रही है और कंपनियों की लागत बढ़ा रही है। इससे बाजार का मूड और खराब हुआ।
टॉप गेनर्स और लूजर्स
टॉप लूजर्स:
मेटल सेक्टर: टाटा स्टील और जेएसडब्ल्यू स्टील जैसे शेयरों में 7% से अधिक की गिरावट देखी गई।
ऑटो सेक्टर: मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे ऑटो स्टॉक्स में भी 6-7% की गिरावट दर्ज की गई।
आईटी सेक्टर: टीसीएस और इंफोसिस जैसे बड़े आईटी शेयरों में 5-6% की कमी आई, क्योंकि अमेरिकी बाजार पर उनकी निर्भरता अधिक है।
टॉप गेनर्स: कुछ फार्मा शेयरों में हल्की बढ़त देखी गई, क्योंकि ट्रंप ने दवाओं को टैरिफ से बाहर रखा है। सन फार्मा और डॉ. रेड्डीज जैसे शेयरों में मामूली तेजी रही।
निवेशकों के लिए प्रभाव
बाजार पूंजीकरण में नुकसान: आज सुबह के कारोबार में निवेशकों के करीब 9-10 लाख करोड़ रुपये डूब गए। यह पिछले कुछ दिनों में हुई गिरावट को मिलाकर और भी बड़ा नुकसान दर्शाता है।
छोटे और मझोले शेयरों का हाल: हालांकि पिछले दिनों स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में उछाल देखा गया था, लेकिन आज इनमें भी भारी बिकवाली हुई। बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स में 4-5% की गिरावट आई।
विशेषज्ञों की राय
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अल्पकालिक हो सकती है, लेकिन ट्रेड वॉर की स्थिति स्पष्ट होने तक बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी।
कुछ ब्रोकरेज फर्मों ने सलाह दी है कि निवेशक अभी फार्मा और डिफेंसिव सेक्टर जैसे सुरक्षित क्षेत्रों में निवेश पर ध्यान दें। वहीं, मेटल और ऑटो जैसे निर्यात-निर्भर सेक्टरों से दूरी बनाए रखें।
आगे की संभावनाएं
अल्पकालिक दबाव: अगले कुछ दिनों तक बाजार में दबाव रह सकता है, क्योंकि वैश्विक संकेतों और ट्रंप प्रशासन की नीतियों पर नजर रहेगी।
दीर्घकालिक नजरिया: भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति और घरेलू मांग को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि में बाजार में सुधार होगा। हालांकि, अभी सतर्कता बरतना जरूरी है।
निष्कर्ष
आज का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। ट्रंप टैरिफ और वैश्विक अनिश्चितता के चलते निवेशकों का भरोसा डगमगाया है। अगर आप निवेशक हैं, तो अभी बाजार की स्थिति को करीब से देखें और जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। सुरक्षित सेक्टरों में छोटे-छोटे निवेश पर विचार करें और विशेषज्ञ सलाह जरूर लें।
https://www.instagram.com/reel/DFHv4rcoAbG/?igsh=MWtrM3JxNjJ6N2U5dw==




