
‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत एक के बाद एक उद्धव ठाकरे की पार्टी के नेता और पदाधिकारी उनका साथ छोड़ रहे हैं और एकनाथ शिंदे की शिवसेना का दामन थामते जा रहे हैं. शिवसेना (ठाकरे) पार्टी में जारी इस टूट पर रोक लगाने के लिए अब उद्धव ठाकरे अलर्ट मोड में नजर आ रहे हैं.
दरअसल, कुछ दिन पहले शिवसेना के पुराने नेता और बालासाहेब ठाकरे के करीबी माने जाने वाले पूर्व विधायक राजन साल्वी ने बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के साथ एकनाथ शिंदे की सेना में प्रवेश किया. साथ ही लगातार शिवसेना शिंदे की पार्टी के नेता उदय सामंत ऑपरेशन ‘टाइगर’ का जिक्र भी करते आए है, जिसके तहत उनका कहना है कि उद्धव ठाकरे के कई सांसद और विधायक जल्द शिंदे की पार्टी का हाथ थामेंगे और उद्धव को झटका लगेगा.
कब होगी बैठक?
इसी बीच उद्धव ठाकरे की अगुवाई में ठाकरे गुट के सांसदों की बैठक 20 फरवरी को और विधायकों की बैठक 25 फरवरी को बुलाई गई है. माना जा रहा है कि पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे इस बैठक सभी सांसदों और विधायकों का मार्गदर्शन करेंगे. विधानसभा के आगामी बजट सत्र के मद्देनजर विधायकों की यह बैठक अहम मानी जा रही है. हालांकि, माना जा रहा है कि आगामी बजट सत्र के दौरान इस बैठक में विपक्षी दल के नेता के नाम पर चर्चा होगी.
इससे पहले दिल्ली में हुई थी बैठक
सूत्रों ने बताया कि शिवसेना भवन में सांसदों को 20 और विधायकों को 25 फरवरी को बैठक में शामिल होने का आदेश दिया गया है. इससे पहले दिल्ली में जब संसद का बजट सत्र चल रहा था तब उद्धव ठाकरे के बेटे और पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने राष्ट्रीय राजधानी में सांसदों की बैठक ली थी. बजट सत्र के दौरान ऐसी कयासबाजी की जा रही थी कि कुछ सांसद उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ देंगे और इसके लिए ऑपरेशन टाइगर जैसी चर्चा भी चल रही थी.
दरअसल, उद्धव ठाकरे ने यह बैठक तब बुलाई जब पार्टी के पूर्व विधायक और कई पदाधिकारी पार्टी छोड़ रहे हैं. ऐसे में देखना होगा कि क्या इस बैठक के बाद उद्धव अपनी बची हुई पार्टी को टूटने से बचा पाएंगे? फिलहाल अगर ऐसा नहीं तो इसका खामियाजा उन्हें निकाय चुनाव में भुगतना पड़ सकता है.
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