
नई दिल्ली। केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की एक वार्षिक रिपोर्ट सामने आई है। इसमें दावा किया गया है कि सीबीआई ने जिन 6,900 भ्रष्टाचार के मामलों की जांच की है। इनमें से 361 की सुनवाई 20 साल से अधिक समय से विभिन्न अदालतों में लंबित है। इसके अलावा, भ्रष्टाचार के 658 मामले सीबीआई जांच के लिए लंबित हैं। इनमें से 48 मामले पांच साल से अधिक समय से लंबित हैं। आयोग का कहना है कि अदालतों के समक्ष मुकदमे के तहत कुल 6,903 मामलों में से पिछले साल 31 दिसंबर तक तीन साल से कम समय से 1,379 लंबित थे। जबकि तीन साल या पांच साल से अधिक समय से 875 और पांच साल या 10 साल से अधिक समय तक 2,188 मामले लंबित थे।
विज्ञापन
2,100 मामले 10 साल या बीस साल से अधिक समय तक लंबित
सीवीसी की वार्षिक रिपोर्ट 2023 के अनुसार, कम से कम 2,100 मामले 10 साल या बीस साल से अधिक समय तक लंबित थे। जबकि 20 साल से अधिक समय से 361 मामले लंबित थे। इसमें यह भी दावा किया गया कि पिछले साल 31 दिसंबर तक 6,903 मामलों की सुनवाई लंबित थी। यह चिंता का विषय है कि 2023 के अंत में 2,461 मामले 10 से अधिक सालों से लंबित थे।
हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में 12,773 अपील लंबित
आगे कहा गया कि सीबीआई और आरोपियों द्वारा 12,773 अपील अलग-अलग हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लंबित थीं। हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार, 20 सालों से 501 अपील, 15 सालों से अधिक लेकिन 20 साल से कम समय में 1,138 अपील लंबित थीं। वहीं, 10 सालों से अधिक मगर 15 साल से कम 2,558, पांच सालों से अधिक लेकिन 10 साल से कम 3850, दो साल से अधिक और पांच से कम 2172 तथा दो साल से कम समय से 2554 अपील लंबित थीं।
48 मामलों की जांच पांच साल से अधिक समय से लंबित
सीबीआई द्वारा जांच किए जा रहे 658 लंबित मामलों की जानकारी देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि 48 मामलों की जांच पांच साल से अधिक समय से लंबित है, 74 मामलों की जांच तीन साल से अधिक लेकिन पांच साल से कम समय से लंबित है। वहीं, 75 मामलों की जांच दो साल से अधिक मगर तीन साल से कम समय से, 175 मामलों की जांच एक साल से अधिक, लेकिन दो साल से कम समय से लंबित है और 286 मामलों की जांच एक साल से कम समय से लंबित है।