इंदौर: मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में एक मदरसे के कर्मचारी को 10 वर्षीय लड़के से कुकर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने यह जानकारी देते हुए बताया कि बड़गोंदा थाना क्षेत्र के एक मदरसे में रहकर पढ़ने वाले 10 वर्षीय लड़के से इस संस्थान के 20 वर्षीय कर्मचारी ने बीते दो अगस्त को दोपहर में कथित तौर पर कुकर्म किया।
पुलिस ने इस बाबत बीते सोमवार को बताया कि आरोपी ने कुकर्म के दौरान लड़के के साथ गाली-गलौज और मारपीट करते हुए उसे धमकाया कि अगर उसने किसी को आपबीती सुनाई, तो वह उसे जान से मार डालेगा। पुलिस ने कहा, कि पीड़ित बालक का मदरसे के दूसरे लड़कों से कुछ दिन पहले झगड़ा हुआ था। इस पर मदरसे के एक शिक्षक ने बालक से कहा था कि विवाद शांत होने तक वह आरोपी कर्मचारी के कमरे में सो जाया करे।लेकिन कुकर्म का शिकार होने के बाद पीड़ित लड़के ने जैसे तैसे एक राहगीर का मोबाइल फोन लेकर अपनी मां को आपबीती सुनाई।
घटना बाबत पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़ित लड़के की मां ने अपने रिश्तेदारों के साथ थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POSCO) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि मदरसा के आरोपी कर्मचारी को गिरफ्तार करके एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया जहां से उसे न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया गया है।
पुलिस ने बताया कि मदरसे के नाबालिग लड़के से कुकर्म के मामले की विस्तृत जांच जारी है। इस बीच, मदरसे के एक मौलवी ने दावा किया कि एक व्यक्ति ने उनसे 5 लाख रुपये की मांग करते हुए धमकी दी थी कि अगर यह रकम नहीं दी गई, तो वह बच्चे से “गलतबयानी” कराते हुए मदरसे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराएगा। उन्होंने यह दावा भी किया कि बच्चा और आरोपी मदरसा कर्मचारी अलग-अलग जगहों पर सोते थे। इस मामले पर DSP रूपेश कुमार द्विवेदी ने कहा, “हमें किसी व्यक्ति द्वारा मदरसा प्रबंधन से धन की कथित अवैध मांग को लेकर अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है।”
गौरतलब है कि बीते 9 अगस्त को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज के सेमिनार हॉल में एक महिला डॉक्टर का शव मिला था। इसके बाद से ही डॉक्टर इस मामले में पीड़िता के लिए न्याय की पुरजोर मांग कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात 31 वर्षीय पोस्टग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर के साथ बीते 8 अगस्त की रात कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया था और उसकी हत्या भी कर दी गई थी।





