पश्चिम बंगाल: बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने आज राजभवन में तैनात कोलकाता पुलिस कर्मियों को जल्द से जल्द परिसर खाली करने का आदेश दिया है। इस बात की जानकारी एक अधिकारी द्वारा दी गई। जिसमें बताया गया कि राज्यपाल द्वारा राजभवन के उत्तरी द्वार के पास स्थित पुलिस चौकी को ‘जन मंच’ में बदलने की तैयारी की जा रही है। जिसकी वजह से उन्होंने पुलिस अधिकारियों को तत्काल राजभवन को खाली करने का आदेश दिया है।
बता दें कि पुलिस द्वारा कुछ दिनों पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी और राज्य में चुनाव के बाद हुई हिंसा के कथित पीड़ितों को राज्यपाल से मिलने पर रोक लगा दिया गया था। इसका आर्डर राज्यपाल द्वारा नही दी गई थी। इसके बाद भी पुलिस द्वारा धारा 144 का हवाला देते हुए उन्हें आने नहीं दिया गया। लगाया गया। जिसकी बाद राज्यपाल ने खुद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखा था। जिसमें उन्होंने पूछा था कि किस आधार पर शुभेंदु अधिकारी और अन्य लोगों को पुलिस ने राजभवन परिसर में प्रवेश करने से रोका।
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बोस को किया गया ‘नजरबंद’
वहीं कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सवाल उठाया था कि क्या बोस को वास्तव में ‘नजरबंद’ किया गया है? इसके साथ ही अदालत ने राज्यपाल के कार्यालय से अनुमति मिलने पर अधिकारी को ‘चुनाव के बाद हुई हिंसा के पीड़ितों’ के साथ राजभवन जाने की अनुमति दी थी। शुभेंदु अधिकारी और एक अन्य व्यक्ति ने उच्च न्यायालय में एक याचिका दाखिल की थी।
जिसमें ऐसा कहा गया था कि लिखित अनुमति होने के बावजूद पुलिस ने राजभवन में उन्हें प्रवेश नहीं करने दिया। भाजपा सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर लोकसभा चुनावों के बाद हिंसा कराने का आरोप लगा रही है जबकि टीएमसी ने आरोपों को सिरे ने नकार दिया।
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