मुंबई: महाराष्ट्र में पुणे पोर्शे कार हादसे पर राजनीति गरमाई हुई है। शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस चीफ नाना पटोले ने पुणे कार एक्सीडेंट की न्यायिक जांच की मांग की है। पहले राउत ने पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार को हटाने की मांग की थी। राउत ने आरोप लगाया था कि इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका ठीक नहीं रही। इस मामले में पुलिस की दोबारा अपील पर जेजे बोर्ड ने नाबालिग को पांच जून तक के सुधार गृह भेजा है तो वहीं दूसरी आरोपी के पिता और दादा को अरेस्ट किया है। पुणे पुलिस ने इस मामले में नाबालिग के सैंपल लेने में लापरवाही बरतने पर दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया है। इस सब के बीच पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार हटाने की मांग भी समाने आ रही है।
कौन हैं अमितेश कुमार?
अमितेश कुमार 1995 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी हैं। पुणे कार हादसे में निशाने पर आए अमितेश कुमार अभी तक के करियर में पेशेवर पुलिसिंग में सराहनीय सेवा और असाधारण उपलब्धियों के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक हासिल कर चुके हैं। अमितेश कुमार ने अभी तक पुलिस सेवा में नागपुर में सीपी, मुंबई में डीसीपी, सोलापुर एसपी, औरंगाबाद (ग्रामीण) एसपी, अमरावती में पुलिस आयुक्त, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (एटीएस), और विशेष पुलिस महानिरीक्षक (औरंगाबाद रेंज) के रूप में काम कर चुके हैं। अमितेश कुमार को महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेद्र फडणवीस का काफी कारीबी माना जाता है।
डीयू से पढ़े हैं अमितेश कुमार
अमितेश कुमार ने अपनी पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के सेंट स्टीफंस कॉलेज से की है। उन्होंने अर्थशास्त्र में ग्रेजुएशन और कानून और साइबर कानून में पीजी की डिग्री ली है। अमितेश कुमार को महाराष्ट्र सरकार ने इसी साल फरवरी महीने में पुणे कमिश्नर की जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्होंने तीन फरवरी को पुणे कमिश्नर का चार्ज संभाला था। ऐसे में पुणे कमिश्नर बनने के चौथे महीने में ही उन्हें कार हादसे के बाद आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। 29 सितंबर, 1972 को जन्में अमितेश कुमार मूलरूप से बिहार के रहने वाले हैं।
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