बीड़। पति-पत्नी के बीच झगड़ा आम बात है, लेकिन ताजा मामले में दंपति के बीच हुआ विवाद मासूम बच्चों पर भारी पड़ गया। परिजन तीन बच्चों को पुल के पास लावारिस हालत में भगवान भरोसे छोड़ दिया। जिन्हें मां-बाप का सहारा न मिला, उन्हें परिजन ने भी सहारा देने से मुह फेर लिया। इस बात की सूचना मिलते ही माजलगांव ग्रामीण पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्चों को कब्जे में लिया। इसके बाद देखरेख के लिए तीनों बच्चों को जिले की महिला बाल विकास समिती के हाथों सौंप दिया। मामला पुंगनी गांव का है, जहां सुबह रिश्तेदारों ने बच्चों को पुल पर छोड़ दिया था।
दरअसल ज्ञानेश्वर जाधव बोरी पिंपलगांव का विवाद पुंगनी गांव की महिला के साथ दस साल पहले हुआ था। शादी के बाद दंपति को तीन बच्चे हुए, जिनमें आर्यन जाधव सबसे बड़ा है उसकी की उम्र 6 साल तो दूसरे नंबर पर अनिकेत की उम्र 5 साल और तीसरी बच्ची आराध्या की उम्र 3 साल है। पिछले कुछ माह से ज्ञानेश्वर जाधव और उसकी पत्नी के बीच झगड़ा चल रहा था। जिससे तंग आकर कुछ दिन पहले ज्ञानेश्वर जाधव अपनी पत्नी को छोड़कर दूसरे गांव चला गया था। इसके बाद उसकी पत्नी भी अपने तीनों बच्चे ससुरालवालों के घर छोड़ मायके चली गई। कुछ दिन बीत जाने पर जब रिश्तेदारों ने बच्चों की मां और पिता से संपर्क किया, तो दोनो ने मासूम बच्चों को अपनाने से साफ इनकार कर दिया था। इसके बाद रिश्तेदार रविवार सुबह तीनो को पुंगनी गांव के पुल पर छोड़कर निकल गए।
कुछ घंटों बाद लावारिस बच्चों के रोने की आवाज सुनकर आस पास के लोग वहां पहुंचे। लोगों ने माजलगांव ग्रामीण पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पूछताछ की, जिसके बाद मासूम बच्चों को कब्जे में लेकर महिला बाल विकास विभाग सौंपा गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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