Maharashtra Politics:‘PM मोदी के लिए अपशब्द बोलने वाला घर नहीं लौट पाएगा’, नारायण राणे ने दी चेतावनी

Date:

Share post:

मुंबई. विपक्षी नेताओं की एक रैली से पहले केंद्रीय मंत्री नारायण राणे (Narayan Rane) ने चेतावनी दी है कि अगर कोई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के खिलाफ अपशब्दों वाली भाषा का इस्तेमाल करेगा तो घर नहीं लौट पाएगा। तटीय महाराष्ट्र की रत्नागिरि-सिंधुदुर्ग लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार राणे सोमवार को सिंधुदुर्ग जिले में एक रैली को संबोधित कर रहे थे।
शिवसेना में रह चुके राणे ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और उनकी पार्टी के सांसद संजय राउत मोदी की आलोचना करते हैं लेकिन यह नहीं जानते कि वे क्या कह रहे हैं।
उन्होंने कहा, “मुझे पता चला है कि विपक्षी दल जल्द ही सिंधुदुर्ग में एक रैली को संबोधित करेंगे। यह लोकतंत्र का हिस्सा है, इसलिए उनका यहां स्वागत है। लेकिन यदि कोई हमारे नेता, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्दों वाली भाषा का इस्तेमाल करता है तो हम उस व्यक्ति को यहां से लौटने नहीं देंगे।”
उद्धव ठाकरे से अनबन के बाद 2005 में शिवसेना छोड़ने वाले राणे ने दावा किया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद के लिए उद्धव कभी भी अपने पिता बाल ठाकरे की पसंद नहीं थे। कुछ महीनों के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे राणे ने कहा, “अगर बालासाहेब की पसंद उद्धव होते तो वह 1999 में मेरी जगह अपने बेटे को ही मुख्यमंत्री बनाते।”
उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि कोराना वायरस महामारी के दौरान महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने टीका खरीद पर ’15 प्रतिशत कमीशन’ पाने का प्रयास किया था और उनकी सरकार के इस तरह के भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच जारी है।

Related articles

🎬 कॉमेडी का धमाका: RLG प्रोडक्शन के मंच पर Rajesh Bhatt साहब की अदाकारी और B. Ashish की लोटपोट कर देने वाली कॉमेडी✍️ प्रस्तुति:Jan...

🌟 प्रस्तावना मुंबई…जहाँ सपने कैमरे की लाइट में सांस लेते हैं,जहाँ हर कलाकार अपने हुनर से कहानी रचता है,और...

जितना सीधे रहोगे… उतना ठोके जाओगे – यही दुनिया की हकीकत ...

प्रस्तावना दुनिया एक अजीब सा कारखाना है…यहाँ हर इंसान किसी न किसी रूप में एक कील है।कोई टेढ़ा, कोई...

“धर्म नहीं, नीयत पर सवाल है” एक सामाजिक संदेश , बॉलीवुड लेखक-निर्देशक श्री राजेश भट्ट...

समुद्र की लहरों की तरह यह समाज भी कभी शांत रहता है, तो कभी उफान पर आ जाता...