
पटना. कुछ दिन पहले ही जेकेटी न्यूज़ ने बिहार के नियोजित शिक्षकों को लेकर एक खबर चलाई थी जिसका असर अब देखने को मिल रहा है। बिहार के नियोजित शिक्षकों को सरकार ने बड़ी राहत दी है. शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने इस संबंध में कहा है कि सरकार नियोजित शिक्षकों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर रही है. विजय चौधरी ने कहा कि नियोजित टीचरों की मुख्य समस्या ऑनलाइन परीक्षा को लेकर थी. बहुत से शिक्षक जो पुराने थे, उन्हें इससे समस्या हो रही थी. अब ऑफलाइन परीक्षा की बात कर ली गई है. अब न सिर्फ ऑनलाइन बल्कि ऑफलाइन परीक्षा का भी मौका नियोजित शिक्षकों को दिया जाएगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सलाह से सरकार ने यह तय किया है कि जो तीन परीक्षा ऑनलाइन हो रही है, उसके अलावा दो लिखित परीक्षा का मौका दिया जाएगा. मतलब अब कुल पांच परीक्षा का मौका दिया जायेगा.
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हंगामे के बाद हरकत में आयी सरकार
13 फरवरी को नियोजित शिक्षक पटना में विधानसभा घेरा करने पहुंच गए थे. इसके बाद हंगामा हुआ तो नई सरकार भी हरकत में आती दिख रही है.अब इस मामले में शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि नियोजित शिक्षक जिनके सरकारीकरण की प्रक्रिया चल रही है. उन्हें हमने आश्वाशन दिया था कि उनके हक़ में फैसला लिया जाएगा और अब यह निर्णय लिया गया है. उन्होंने कहा कि हमने नियोजित शिक्षकों को धैर्य रखने को कहा था, सरकार उनका ध्यान रखेगी. कुछ संगठनों ने आंदोलन को स्थगित भी किया. उनकी जो कठिनाइयां थीं, उसे दूर कर दिया गया है. शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा में सुधार स्पष्ट तौर पर दिख रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्कूलों को व्यवस्थित किया गया है.
बिहार बोर्ड 26 फरवरी से लेगा परीक्षा
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति यानी बीएसईबी द्वारा सक्षमता परीक्षा 26 फरवरी 2024 से लेकर 13 मार्च 2024 तक आयोजित करने जा रही है. इसका उद्देश्य है बिहार में नियोजित की प्रतिभा की जांच की जाए. बिहार सरकार द्वारा सक्षमता परीक्षा की घोषणा के बाद से ही इसका विरोध किया जा रहा है. कई शिक्षकों ने तो विरोध स्वरूप परीक्षा के लिए आवेदन भी नहीं दिया. शिक्षकों का कहना है कि उन्हें नौकरी से बाहर निकालने की साजिश सरकार द्वारा की जा रही है. आज आवेदन करने की आखिरी तारीख है.