
मुंबई। राज्य में नेताओं पर हुई गोलीबारी और हत्या की वजह से कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगा है। राज्य में मामले को देखते हुए पुलिस नींद से जागते हुए नज़र आई है। पुणे शहर में गोलीबारी की घटनाओं के मद्देनजर क्राइम ब्रांच अब अवैध रूप से पिस्तौल रखने वालों और पिस्तौल के मामलों में आपराधिक रिकॉर्ड रखने वालों पर शिकंजा कसने जा रही है। पुणे पुलिस ने शहर में पांच साल में आर्म्स एक्ट के तहत पंजीकृत अपराधियों की एक सूची तैयार की है। उसी के अनुरूप उनकी परेड निकाली जाएगी।
आरोपियों की परेड
मुंबई में दो गोलीबारी और उसके तुरंत बाद पुणे में इसी तरह की एक घटना के मद्देनजर, पुणे पुलिस अपराध शाखा ने एहतियाती कदम उठाए हैं। बाणेर में एक सराफा व्यवसायी ने दोस्त पर गोली चलाकर खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इसलिए दोबारा गोलीबारी की घटना को रोकने और अवैध पिस्तौल के कारोबारियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसके मुताबिक पिछले पांच साल में अवैध पिस्तौल रखने के मामले में 526 आरोपियों की सूची तैयार की गई है। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि सूची के अनुसार, अपराध शाखा की संबंधित इकाई को उनका परेड कराने का आदेश दिया गया हैं।
पुलिस उठाए एहतियाती कदम
2019 से 2023 तक पांच साल में शहर में 382 मामले दर्ज किए गए हैं। इसमें 461 पिस्तौलें जब्त की गईं। इन मामलों में 526 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और समय के साथ इन मामलों में आरोपी जमानत पर या सजा काटकर बाहर आ गए हैं। यह अपराधी दोबारा गंभीर अपराध न करें, इसके लिए एहतियात बरती जा रही है।
पिस्तौल सप्लायर रडार पर
शहर में पिस्तौल बेचने की बड़ी चेन है। दूसरे राज्यों से कम कीमत पर पिस्तौलें लाकर ऊंची कीमत पर बेची जाती है। ज्यादातर मामलों में पुलिस की जांच पिस्तौल रखने वालों तक ही सीमित रहती है, लेकिन, मास्टर माइंड नहीं मिलते हैं, इसके चलते अपराध शाखा द्वारा पिस्तौल के आपूर्तिकर्ताओं के साथ-साथ पिस्तौल के निर्माताओं की पूरी श्रृंखला का खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा।
पुणे समेत अन्य स्थानों के बारे में भी जानकारी मांगी
पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्तालय के साथ-साथ पुणे, अहमदनगर और सातारा ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कार्यालय की स्थानीय अपराध शाखा से उनके रिकॉर्ड पर अपराधियों की जानकारी मांगी गई है। उस जानकारी से पिस्तौल बिक्री की चेन का भी पता लगाया जाएगा।
निरीक्षण में क्या देखा जाएगा?
– आरोपी अब कहां रहता है? क्या करता है?
– क्या आरोपी के खिलाफ हाल ही में कोई अपराध दर्ज हुआ है?
– वह जीविका के लिए क्या करता है?
– वह किसके साथ घूमता है, क्या कोई आपराधिक गतिविधियां चल रही हैं?