भोपाल. सरकार ने अनाथ, बेसहारा और मुश्किल में फंसी बच्चियों को बचाने का जिम्मा जिस एनजीओ को दिया, उसने ही अवैध हॉस्टल खोल लिया। तीन साल तक बेबस बच्चियों का रेस्क्यू तो किया, लेकिन बाल कल्याण समिति के आदेश के बिना ही अपने अवैध हॉस्टल (आंचल चिल्ड्रेन्स होम) में रखता रहा।
संचालक अनिल मैथ्यू ने इसमें भी गड़बड़ी की। हॉस्टल के रजिस्टर में बच्चियों की संख्या तो दिखाई, लेकिन वे हॉस्टल से गायब रहीं। इसका खुलासा तब हुआ, जब बाल संरक्षण आयोग के पत्र के बाद मुख्य सचिव वीरा राणा हरकत में आईं। शुक्रवार तक हॉस्टल में दर्ज 68 बच्चियों में से लापता 26 को प्रशासन ने ढूंढ़ निकाला। 10 को आदमपुर छावनी हरिपुरा, 13 को अयोध्या बस्ती से, दो को रूप नगर क्रेेशर एरिया और एक बच्ची को रायसेन से बरामद किया गया। तीन साल तक इस गोरखधंधेे पर आंख मूंदे बैठे महिला बाल विकास व पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की।
