फिरोजाबाद। थाना दक्षिण के मोहल्ला हिमांयुपूर में सूरज राठौर की मौत के मामले में मृतक के पिता ने मुंबई पुलिस पर संगीन आरोप लगाते हुए थाना दक्षिण में एक उपनिरीक्षक व दो कांस्टेबल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पिता का कहना है कि बेटे की मौत की जिम्मेदार मुंबई पुलिस हैं, बेटे को इंसाफ दिलाकर रहूंगा। बुधवार को सूरज के पिता मौहर सिंह ने दक्षिण थाने में तहरीर दी। उसमें बताया कि एक दिसंबर को दोपहर में थाना डीएननगर दादा नौरोजी मुंबई के एक उप निरीक्षक संतोष मारसल, कांस्टेबल गायकवाड, कांस्टेबल मेहत्रे घर पर घुस आए। बेटे सूरज को साइबर क्राइम करने का आरोपी बताया। इसके बाद थाना दक्षिण की कहकर सूरज को साथ लेकर गए। रास्ते में सूरज को जमकर पीटा। पिटाई से आहत और जेल भेजने के कारण सूरज ने दो दिसंबर को घर में फंदा लगा लिया था। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
पिता का कहना है कि उसका बेटा सूरज कभी मुंबई नहीं गया है। न ही उसे कंप्यूटर की कोई जानकारी है। इसके बाद भी साइबर क्राइम का अपराधी जानबूझ कर बना दिया गया। मृतक के पिता मौहर सिंह ने रोते हुए बताया कि उसके बेटे ने आत्महत्या नहीं की है, उसकी एक तरह से मुंबई पुलिस ने हत्या की है। उसके बेटे की कातिल मुंबई पुलिस है। बेटे को इंसाफ दिलाकर रहूंगा। इसके लिए चाहे कुछ भी करना पड़े। दक्षिण थाना प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि मृतक सूरज के पिता ने मुंबई के थाना डीएननगर दादा नौरोजी पुलिस के एक उपनिरीक्षक व दो कांस्टेबल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
पुलिसकर्मी सूरज का मोबाइल के साथ 1.30 लाख रुपये लेकर गए
मौहर सिंह ने बताया कि जो मुंबई से पुलिस कर्मी आए थे, उन्होंने एक दिसंबर को ही पहले तो साइबर अपराधी बताते हुए पीटा, इसके बाद बेटे व उससे 1.5 लाख की डिमांड की। वह शाम तक 1.30 लाख रुपये एकत्रित कर सके थे। इसके बाद उपयुक्त पुलिस कर्मी 1.30 लाख रुपये व बेटे सूरज का मोबाइल लेकर चले गए।
