सूरत. सचिन जीआईडीसी स्थित एथर केमिकल कंपनी में लगी भीषण आग में एक और व्यक्ति की इलाज के दौरान गुरुवार को मौत हो गई है। इससे पहले 9 मजदूरों की मौत हो चुकी है। अब एथर कंपनी अग्निकांड में मरने वालों की संख्या बढक़र 10 हो गई है। अभी भी कई घायलों को उपचार अलग-अलग अस्पतालों में किया जा रहा है। गौरतलब है कि 29 नवंबर को केमिकल कंपनी में अग्निकांड हुआ था। जिसमें 7 नरकंकाल जले मिले। इसके बाद एक-एक कर तीन और लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे में 27 लोग झ़ुलस गए थे।
आश्चर्य इस बात का है कि इतने बढ़े मामले में टाल-मटोल के प्रयासों के चलते जांच और कार्रवाई की कोई जानकारी सामने नहीं आ पा रही है। जबकि मानवाधिकार आयोग व नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से नोटिस जारी कर कार्रवाई की जानकारी मांगी गई है।
पुलिस के मुताबिक, पिछले दिनों सचिन जीआइडीसी की एथर केमिकल इंडस्ट्रीज में भीषण आग लगने की घटना में निजी अस्पताल में इलाज करा रहे मनोज सुशील मुखला (34) की गुरुवार को मौत हो गई। वह मूल रूप से उत्तरप्रदेश और सूरत के पांडेसरा क्षेत्र में आगम नवकार अपार्टमेंट में रह रहे थे। वे दो बेटों सहित परिवार के साथ सूरत में रहते थे। वे एथर कंपनी के केमिकल प्लांट में काम करते थे। एथर इंडस्ट्रीज कंपनी में आग लगने की घटना में अब तक 10 लोगों की मौत हो गई है।
इससे पहले दो युवकों की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। हादसे में झुलसे लोगों के परिवार डर में जी रहे हैं, क्योंकि एक के बाद एक उनकी मौत हो रही है।
हादसे में कंपनी से सात कंकाल भी मिले थे, जिनका डीएनए जांच से पहचान होने के बाद अंतिम संस्कार करवाया गया था।



